कोरबा | 8 अप्रैल, 2026 ऊर्जाधानी कोरबा में स्थित एनटीपीसी (NTPC) दर्री संयंत्र में आज उस वक्त हड़कंप मच गया, जब हजारों की संख्या में ठेका मजदूर लामबंद होकर सड़कों पर उतर आए। अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे मजदूरों के सब्र का बांध बुधवार को फूट पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने संयंत्र के गेट नंबर-2 पर ताला जड़ते हुए काम पूरी तरह ठप कर दिया, जिससे प्रबंधन में अफरा-तफरी का माहौल है।
हजारों की भीड़ और ‘चक्काजाम’ जैसे हालात
बुधवार सुबह से ही ठेका मजदूर संगठित होकर एनटीपीसी के मुख्य प्रवेश द्वार पर जुटने लगे थे। देखते ही देखते मजदूरों की संख्या हजारों में पहुंच गई। मजदूरों ने गेट के सामने बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे भारी वाहनों और शिफ्ट में जाने वाले कर्मचारियों की आवाजाही पूरी तरह रुक गई। स्थिति ‘चक्काजाम’ जैसी हो गई और संयंत्र के भीतर व बाहर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
क्यों भड़का मजदूरों का गुस्सा?
मजदूरों का आरोप है कि एनटीपीसी प्रबंधन और ठेकेदार लगातार उनकी जायज मांगों की अनदेखी कर रहे हैं। प्रदर्शन के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
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वेतन विसंगति: समान कार्य के लिए समान वेतन और लंबित एरियर का भुगतान।
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सुरक्षा मानक: संयंत्र के भीतर काम करने वाले मजदूरों के लिए पुख्ता सुरक्षा उपकरण और बीमा की सुविधा।
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स्थानीय रोजगार: भर्ती प्रक्रिया में स्थानीय प्रभावितों और अनुभवी ठेका श्रमिकों को प्राथमिकता।
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मेडिकल सुविधा: ठेका मजदूरों और उनके परिवार के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधाओं की मांग।
प्रबंधन की बढ़ी चिंता, सुरक्षा बल तैनात
मजदूरों की इस अप्रत्याशित एकजुटता ने एनटीपीसी प्रबंधन की नींद उड़ा दी है। काम बंद होने से बिजली उत्पादन प्रक्रिया पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। मौके पर तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल और सीआईएसएफ (CISF) की टीम तैनात की गई है। प्रबंधन के अधिकारी मजदूरों को समझाने और बातचीत की मेज पर लाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन मजदूर लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े हुए हैं।
मजदूर नेताओं की चेतावनी
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे श्रमिक नेताओं का कहना है कि वे कई बार ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन प्रबंधन केवल आश्वासन का झुनझुना थमाता रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक गेट से ताला नहीं खुलेगा और आंदोलन और उग्र होगा।


