छत्तीसगढ़ के औद्योगिक जिले कोरबा स्थित एनटीपीसी परियोजना में ठेका श्रमिकों के आर्थिक शोषण का मामला सामने आया है। सैकड़ों की संख्या में श्रमिक दर्री थाना पहुंचकर ठेका कंपनियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। श्रमिकों का आरोप है कि उन्हें सरकार द्वारा तय वेतन नहीं दिया जा रहा और हक मांगने पर धमकी व नौकरी से निकालने की कार्रवाई की जा रही है।
शिकायतकर्ताओं में एसईपीएल, नवरूप इंडिया, बेगिन, केसीपीएल और आरवीपीआर जैसी कंपनियों से जुड़े श्रमिक शामिल हैं। इन श्रमिकों ने बताया कि वे पावर प्लांट से जुड़े विभिन्न कार्यों में लगे हैं, लेकिन उन्हें तय मानकों के अनुरूप वेतन नहीं मिल रहा।
मजदूरों का कहना है कि कोरबा को कंपनियां ‘सी कैटेगरी’ बताकर कम वेतन दे रही हैं, जबकि वास्तविकता में यह ‘बी कैटेगरी’ में आता है। ऐसे में उन्हें बी कैटेगरी के अनुसार वेतन मिलना चाहिए। जब श्रमिक इस विसंगति पर सवाल उठाते हैं, तो उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है या नोटिस थमा दिया जाता है।
कुछ मामलों में श्रमिकों को काम से हटाया भी जा चुका है, ताकि बाकी कर्मचारी विरोध करने से डरें। आरोप है कि कंपनियां खुलेआम कह रही हैं कि वे कम दर पर नए मजदूर रख लेंगी, क्योंकि कोरबा में सस्ते श्रमिकों की कोई कमी नहीं है।
इस पूरे मामले ने श्रमिक अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर सरकार श्रमिक हितों की बात करती है, वहीं दूसरी ओर औद्योगिक क्षेत्र में इस तरह का शोषण सामने आना बड़ी विडंबना है।
फिलहाल पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अब देखना होगा कि श्रमिकों के आरोपों पर संबंधित कंपनियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।


