कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) और एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने रविवार को एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 79 लाख रुपये के गबन मामले में कियोस्क संचालक को गिरफ्तार किया है। आरोपी गौरव शुक्ला (47), जो नंदबाग रूमगरा का निवासी है, पर गरीबों के लिए आने वाली इंदिरा आवास योजना की राशि हड़पने का गंभीर आरोप है। जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपने ही परिवार के सदस्यों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर इस बड़ी धोखाधड़ी को अंजाम दिया। रविवार को संयुक्त टीम ने छापेमारी कर आरोपी को उसके निवास से हिरासत में लिया, जिसके बाद उसे न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
परिजनों के दस्तावेजों से की ‘सीडिंग’ की धोखाधड़ी
आरोपी गौरव शुक्ला एक कियोस्क सेंटर संचालित करता था, जहाँ ग्रामीणों के बैंकिंग और सरकारी योजनाओं से जुड़े कार्य होते थे। जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि आरोपी ने लाभार्थियों के खातों के बजाय इंदिरा आवास योजना की राशि को अपने परिवार के सदस्यों के बैंक खातों में डायवर्ट कर दिया। इस प्रक्रिया में इन्दिरा आवास गबन को अंजाम देने के लिए उसने दस्तावेजों की हेराफेरी की और तकनीकी खामियों का फायदा उठाकर शासन को लाखों का चूना लगाया।
79 लाख की राशि का हुआ था हेरफेर
ईओडब्ल्यू और एसीबी की जांच में पाया गया कि यह कोई एक दिन की घटना नहीं थी, बल्कि लंबे समय से सुनियोजित तरीके से चल रहा घोटाला था।
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कुल गबन की राशि: लगभग 79 लाख रुपये।
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मोडस ऑपरेंडी: लाभार्थियों के स्थान पर अपने परिवार के बैंक खातों को सरकारी सिस्टम में फीड करना।
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प्रभावित योजना: प्रधानमंत्री आवास योजना (पूर्व में इंदिरा आवास योजना)।
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आरोपी की पहचान: गौरव शुक्ला, कियोस्क संचालक।
कियोस्क सेंटर की आड़ में चल रहा था खेल
ग्रामीण इलाकों में लोग तकनीकी जानकारी के अभाव में कियोस्क संचालकों पर काफी भरोसा करते हैं। इसी भरोसे का फायदा उठाते हुए आरोपी ने गरीब ग्रामीणों के हक के पैसे पर डाका डाला। ईओडब्ल्यू अधिकारियों के मुताबिक, इन्दिरा आवास गबन मामले में कुछ अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है, जो इस प्रक्रिया में तकनीकी सहायता या प्रशासनिक ढिलाई के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं।
ईओडब्ल्यू और एसीबी की कड़ी कार्रवाई
कोरबा जिले में भ्रष्टाचार और सरकारी धन के दुरुपयोग के खिलाफ यह एक बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। ब्यूरो की टीम ने आरोपी के पास से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, बैंक पासबुक और डिजिटल साक्ष्य भी बरामद किए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गरीबों की गाढ़ी कमाई और सरकारी अनुदान में सेंध लगाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।


