CG NEWS : बालोद (दल्ली राजहरा)।’ छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में स्थित भिलाई स्टील प्लांट (BSP) की माइंस टाउनशिप में हुए दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। 12 मई को सीवरेज पाइपलाइन विस्तार के दौरान मिट्टी धंसने से हुई 3 मजदूरों की मौत के मामले में बड़ी गाज गिरी है। लापरवाही बरतने के आरोप में BSP प्रबंधन ने दो वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
क्या था पूरा मामला?
यह हृदयविदारक घटना दल्ली राजहरा थाना क्षेत्र के फुटबॉल ग्राउंड स्थित ‘दास पान ठेला’ के सामने घटित हुई। यहाँ बीएसपी (Bhilai Steel Plant) की सीवरेज पाइपलाइन बिछाने का कार्य चल रहा था।
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हादसे का समय: 12 मई को काम के दौरान अचानक ऊपर से भारी मात्रा में मिट्टी धंस गई।
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हताहत: गड्ढे में काम कर रहे तीन मजदूर मलबे के नीचे दब गए। काफी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी जान जा चुकी थी।
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लापरवाही के आरोप: स्थानीय लोगों और परिजनों का आरोप था कि कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। बिना किसी प्रोटेक्शन वॉल या सुरक्षा उपकरणों के मजदूरों को गहरे गड्ढे में उतारा गया था।
जांच रिपोर्ट के बाद अधिकारियों पर गाज
हादसे के तुरंत बाद बीएसपी प्रबंधन और जिला प्रशासन ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए थे। प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि मौके पर मौजूद अधिकारियों ने सुरक्षा नियमों की अनदेखी की थी।
निलंबित अधिकारी: प्रबंधन ने कार्य की निगरानी कर रहे दो अधिकारियों (जूनियर मैनेजर और शिफ्ट इंचार्ज स्तर के) को दोषी पाया और उन्हें सस्पेंड कर दिया है। विभाग का कहना है कि सुरक्षा में चूक किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मृतक मजदूरों के परिजनों में आक्रोश
इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूरों की सुरक्षा पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। मृतक मजदूरों के परिजनों ने मुआवजे और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने भी इस मामले में धारा 304A (लापरवाही से मौत) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


