अस्वच्छ व्यवसाय प्रमाण पत्र अब ऑनलाइन उपलब्ध – पात्र विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना
पेपर लीक के बाद सरकार की मैराथन बैठक
नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के आवास पर गुरुवार को हाईलेवल बैठक हुई। कमरे के बाहर सुरक्षा कड़ी थी। अंदर लगातार फाइलें पलटी जा रही थीं। अधिकारियों के चेहरे पर दबाव साफ दिख रहा था। बैठक करीब तीन घंटे चली। इस मीटिंग में हायर एजुकेशन सेक्रेटरी विनीत जोशी, स्कूल एजुकेशन सेक्रेटरी संजय कुमार, NTA डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह, CBSE चेयरपर्सन राहुल सिंह और KVS-NVS के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। चर्चा का केंद्र सिर्फ एक था—परीक्षा की विश्वसनीयता कैसे लौटाई जाए। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, परीक्षा प्रक्रिया में इस बार अतिरिक्त डिजिटल निगरानी, बायोमेट्रिक सत्यापन और एन्क्रिप्टेड पेपर ट्रांसमिशन सिस्टम लागू किया जाएगा। एजेंसियों ने परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा बढ़ाने का भी फैसला लिया है।
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छात्रों के चेहरे पर राहत, लेकिन तनाव अब भी बाकी
देशभर में लाखों छात्र पिछले कई दिनों से असमंजस में थे। किसी को समझ नहीं आ रहा था कि तैयारी जारी रखें या दोबारा रणनीति बनाएं। रायपुर के एक कोचिंग हब के बाहर गुरुवार शाम भीड़ जमा रही। कुछ छात्र मोबाइल पर नोटिफिकेशन पढ़ रहे थे, तो कुछ ने राहत की सांस ली। एक छात्र ने कहा कि परीक्षा रद्द होने के बाद पूरा रूटीन बिगड़ गया था। “अब कम से कम तारीख तो साफ हो गई,” उसने दोस्तों के साथ चर्चा करते हुए कहा। विशेषज्ञ मानते हैं कि अतिरिक्त समय मिलने से छात्रों को रिवीजन का मौका मिलेगा, लेकिन मानसिक दबाव भी बढ़ सकता है। लगातार विवादों ने परीक्षा प्रणाली की साख पर सवाल खड़े किए हैं।


