Surajpur जिले में बाल विवाह के दो मामलों में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। खास बात यह है कि दोनों मामलों में कार्रवाई शादी के बाद की गई। प्रशासन ने गंभीरता दिखाते हुए नाबालिग लड़कियों को महिला एवं बाल विकास विभाग के संरक्षण में रखा है, वहीं परिजनों के खिलाफ Protection of Children from Sexual Offences Act (पॉक्सो) सहित अन्य धाराओं में कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
बाल संरक्षण अधिकारी Manoj Jaiswal ने बताया कि जिले के प्रेमनगर और भैयाथान ब्लॉक में नाबालिग लड़कियों की शादी की सूचना मिलने पर संयुक्त टीम ने कार्रवाई की।
पहले मामले में 13 साल 8 माह की नाबालिग बच्ची की शादी दिसंबर 2025 में मंदिर में परिवार की सहमति से कर दी गई थी और वह पिछले करीब छह माह से लड़के के साथ रह रही थी। बाद में जब सामाजिक रीति-रिवाज से दोबारा विवाह कराया जा रहा था, तब प्रशासन को जानकारी मिली और मौके पर पहुंचकर शादी रुकवाई गई। इसके बाद नाबालिग को सखी वन स्टॉप सेंटर में सुरक्षित रखा गया।
वहीं दूसरे मामले में प्रशासन की कार्रवाई के डर से परिजनों ने रात की बजाय सुबह-सुबह ही 14 वर्षीय नाबालिग की शादी कर उसे विदा कर दिया। सूचना मिलने पर प्रशासन और महिला बाल विकास विभाग की टीम लड़के के घर पहुंची और नाबालिग को उसकी दादी के साथ सुरक्षित संरक्षण में लिया गया।
अधिकारियों के मुताबिक, दोनों मामलों में परिवारों ने शादी की जानकारी छुपाने की कोशिश की, लेकिन पूछताछ और कानूनी जानकारी देने के बाद सच्चाई सामने आई। प्रशासन ने साफ किया है कि जिले में बाल विवाह को लेकर अब सख्त निगरानी रखी जाएगी और चोरी-छिपे शादी कराने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
जिला प्रशासन ने कहा है कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के साथ-साथ पॉक्सो और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं कलेक्टर ने अधिकारियों को बाल विवाह रोकने के लिए सख्ती से काम करने के निर्देश दिए हैं।


