बैरिकेडिंग के सामने रुका काफिला, सड़क पर बढ़ी हलचल
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल में कई स्थानीय नेता और कार्यकर्ता शामिल थे। जैसे ही काफिला निर्धारित मार्ग से आगे बढ़ा, पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए रास्ता रोक दिया। कुछ देर तक नेताओं और अधिकारियों के बीच बातचीत चली। सड़क किनारे खड़े लोग पूरा घटनाक्रम देखते रहे। गर्मी के बीच नारों की आवाज दूर तक सुनाई देती रही। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इस कार्रवाई पर नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। बैज ने कहा कि कांग्रेस बस्तर के स्थानीय मुद्दों, आदिवासी हितों और क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर गृहमंत्री तक अपनी बात पहुंचाना चाहती थी, लेकिन प्रशासन ने रास्ता रोक दिया।
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ज्ञापन में उठाए गए बस्तर के मुद्दे
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस ने अपने ज्ञापन में क्षेत्र की सुरक्षा, स्थानीय रोजगार, ग्रामीण समस्याओं और प्रशासनिक फैसलों से जुड़े मुद्दे शामिल किए थे। नेताओं का कहना है कि बस्तर में कई ऐसे सवाल हैं जिन पर केंद्र सरकार को सीधे जवाब देना चाहिए। घटना के दौरान पुलिस बल बड़ी संख्या में मौजूद रहा। किसी तरह की झड़प या हिंसा की खबर सामने नहीं आई। हालांकि कुछ समय के लिए इलाके में तनाव जैसा माहौल बना रहा।


