कोरबा। जिले के एसईसीएल कुसमुंडा क्षेत्र स्थित कामका साइडिंग में बुधवार को एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। कोयला लोडिंग के दौरान पटरी पर गिरे कोयले के कारण एक मालगाड़ी का इंजन और उसके छह डिब्बे अचानक बेपटरी हो गए। इस घटना से रेलवे और एसईसीएल प्रबंधन में हड़कंप मच गया, हालांकि चालक और कर्मचारियों की सतर्कता के चलते किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
कैसे हुआ हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुसमुंडा खदान से कोयला लोड कर रही मालगाड़ी कामका साइडिंग से गुजर रही थी। इसी दौरान पटरी पर पहले से गिरे कोयले के ढेर पर चढ़ने के कारण इंजन का संतुलन बिगड़ गया। देखते ही देखते इंजन के छह पहिए पटरी से उतर गए और उसके पीछे जुड़े कुछ डिब्बे भी प्रभावित हो गए।
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चालक की सूझबूझ से टला बड़ा खतरा
घटना के वक्त ट्रेन की रफ्तार ज्यादा नहीं थी, लेकिन यदि यही हादसा तेज गति में होता तो बड़ा नुकसान हो सकता था। चालक ने स्थिति को भांपते हुए तुरंत ट्रेन को नियंत्रित किया और इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया। इससे बड़ा हादसा टल गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
मौके पर मची अफरा-तफरी
घटना के बाद साइडिंग में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही रेलवे और एसईसीएल के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रभावित ट्रैक को तत्काल बंद कर दिया गया और मरम्मत कार्य शुरू किया गया।
कोयला लोडिंग व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद कोयला लोडिंग और ट्रैक मेंटेनेंस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय कर्मचारियों का कहना है कि साइडिंग क्षेत्र में अक्सर कोयला पटरी पर गिरा रहता है, जिससे इस तरह के हादसों का खतरा बना रहता है।
जांच के आदेश
रेलवे और एसईसीएल प्रबंधन ने इस पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि लापरवाही पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


