कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर जारी अटकलों के बीच बुधवार को कांग्रेस का बड़ा बयान सामने आया। कांग्रेस पार्टी ने साफ किया कि विधायक दल की कोई बैठक नहीं बुलाई गई है। कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने मुख्यमंत्री पद पर बदलाव को लेकर कहा कि फिलहाल, विधायक दल की कोई बैठक नहीं बुलाई गई है; अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। साथ ही उन्होंने मीडिया से कर्नाटक में नेतृत्व को लेकर अटकलें न लगाने का अनुरोध किया।
सुरजेवाला का बयान ऐसे समय पर आया है जब मीडिया में ऐसी रिपोर्ट्स चल रही थीं कि शुक्रवार को बेंगलुरु में विधायक दल की बैठक बुलाई गई है।
सुरजेवाला ने कहा, “फिलहाल, कांग्रेस पार्टी द्वारा विधायक दल की कोई बैठक नहीं बुलाई गई है। अभी तक कोई अन्य निर्णय नहीं लिया गया है। जैसे-जैसे स्थिति में बदलाव आएगा, हम आपको सूचित करते रहेंगे। मैं आपको यह नहीं बता सकता कि एक महीना, 20 दिन, कल, छह महीने या एक साल बाद क्या होगा-यह तो अटकलबाजी होगी।”
दिल्ली में हुई मैराथन बैठक
कर्नाटक से जुड़े मुद्दों को लेकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान ने मंगलवार को सिद्दारमैया और डीके शिवकुमार के साथ मैराथन बैठक की। इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, रणदीप सिंह सुरजेवाला मौजूद रहे। इस बैठक के बाद वेणुगोपाल का बयान भी सामने आया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि आगामी राज्यसभा चुनाव और कर्नाटक के विधान परिषद चुनाव को लेकर चर्चा हुई।
डिप्टी CM की रेस में प्रियांक खरगे भी!
सूत्रों के मुताबिक, उपमुख्यमंत्री शिवकुमार को मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है, जबकि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष के लिए एक चेहरे का चयन होगा। साथ ही जातीय संतुलन साधने के लिए दो डिप्टी सीएम बनाने के फॉर्मूले पर चर्चा हो रही है, जिनमें एक ओबीसी और एक एससी समुदाय से हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, ओबीसी समुदाय से सिद्दारमैया के बेटे यतेंद्र, अल्पसंख्यक समुदाय से जमीर, यूटी खादर, केजे जॉर्ज, लिंगायत समुदाय से एमबी पाटिल, ईश्वर खांड्रे और दलित समुदाय से जी परमेश्वर और प्रियांक खरगे का नाम चर्चा में है।
प्रदेशाध्यक्ष की रेस में जारकीहोली का नाम
सूत्रों के मुताबिक, शिवकुमार अभी उपमुख्यमंत्री के साथ-साथ कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, लेकिन उन्हें प्रदेशाध्यक्ष की जिम्मेदारी छोड़नी पड़ सकती है। ऐसे में प्रदेशाध्यक्ष पद की कमान सतीश जारकीहोली को सौंपी जा सकती है।


