तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और टीवीके प्रमुख सी जोसेफ विजय ने आज नई दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान उनके बीच विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। विजय के सीएम बनने के बाद उनकी पीएम मोदी से यह पहली मुलाकात थी।
इस दौरान मुख्यमंत्री विजय ने प्रधानमंत्री मोदी की हालिया नीदरलैंड यात्रा के दौरान अनाईमंगलम तांबे की प्लेटों को वापस भारत लाने के प्रयासों के लिए उनका आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनाईमंगलम तांबे की प्लेटें तमिल संस्कृति और इतिहास की अमूल्य धरोहर हैं। इन्हें वापस लाना राज्य के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा इस दिशा में किए गए प्रयासों की सराहना की।
श्रीलंकाई नौसेना द्वारा तमिलनाडु के मछुआरों की गिरफ्तारी का मुद्दा उठाया
इसके साथ ही बैठक में उन्होंने ने श्रीलंकाई नौसेना द्वारा तमिलनाडु के मछुआरों की लगातार गिरफ्तारी और उत्पीड़न की घटनाओं का मुद्दा भी उठाया। इस पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए विजय ने प्रधानमंत्री को बताया कि वर्ष 2026 में अब तक तमिलनाडु के मछुआरों से जुड़ी 12 गिरफ्तारियों की घटनाएं हो चुकी हैं। वर्तमान में 58 भारतीय मछुआरे श्रीलंका की हिरासत में हैं, जबकि 266 मछली पकड़ने वाली नौकाएं जब्त कर ली गई हैं।
विजय ने कहा कि श्रीलंकाई नौसेना की कार्रवाई से तमिलनाडु के तटीय जिलों में रहने वाले हजारों मछुआरा परिवारों की आजीविका प्रभावित हो रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से आग्रह किया कि भारत सरकार इस मुद्दे को श्रीलंका सरकार के साथ मजबूती से उठाए और हिरासत में लिए गए सभी मछुआरों तथा जब्त नौकाओं की शीघ्र रिहाई सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए।
तमिलनाडु में रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र से जुड़ी परियोजनाओं को बढ़ावा देने की अपील
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने तमिलनाडु में रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र से जुड़ी परियोजनाओं को बढ़ावा देने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य रक्षा विनिर्माण का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है और यहां उन्नत सैन्य विमान परियोजना (AMCA), ड्रोन विकास अनुसंधान संगठन (DRDO) तथा कॉम्बैट एयर सिस्टम (CABS) जैसी परियोजनाओं के लिए अनुकूल औद्योगिक वातावरण मौजूद है।
विजय ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि तमिलनाडु में रक्षा गलियारा परियोजनाओं और संबंधित औद्योगिक निवेशों को और अधिक प्रोत्साहन दिया जाए, जिससे राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ें और देश की रक्षा उत्पादन क्षमता को मजबूती मिले।


