जिले में सड़क सुरक्षा, गौवंश संरक्षण तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित समन्वय को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के मार्गदर्शन में जिले के समस्त पशु चिकित्सकों एवं गौवंश संरक्षकों की जिला एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पुलिस, पशु चिकित्सा विभाग एवं गौवंश संरक्षण से जुड़े स्वयंसेवकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, एक- दूसरे के संपर्क नंबरों का आदान-प्रदान करना तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना रहा।
बैठक में पुलिस अधीक्षक ने कहा कि बरसात के मौसम में बड़ी संख्या में घुमंतू मवेशी सड़कों पर बैठे या विचरण करते दिखाई देते हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में पुलिस, पशु चिकित्सा विभाग एवं गौवंश संरक्षकों की संयुक्त जिम्मेदारी है कि समय रहते आवश्यक कदम उठाकर दुर्घटनाओं की रोकथाम की जाए तथा आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
कार्यशाला के दौरान सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस बात पर विस्तार से चर्चा की गई कि सड़कों पर बैठे अथवा विचरण कर रहे पशुओं की सूचना प्राप्त होते ही संबंधित टीम तत्काल मौके पर पहुंचे और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करे। साथ ही, यदि किसी पशु के घायल होने की सूचना प्राप्त होती है, तो संबंधित पशु चिकित्सक बिना विलंब घटनास्थल पर पहुंचकर प्राथमिक उपचार एवं आवश्यक चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराएं, जिससे पशुओं का जीवन बचाया जा सके।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि भविष्य में पुलिस, पशु चिकित्सा विभाग एवं गौवंश संरक्षकों के बीच निरंतर संवाद एवं समन्वय बनाए रखा जाएगा। सभी संबंधित अधिकारियों एवं स्वयंसेवकों के मोबाइल नंबर साझा कर एक प्रभावी संपर्क तंत्र विकसित किया जाएगा, ताकि किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई संभव हो सके।
उपरोक्त कार्यक्रम में उप संचालक पशु चिकित्सक ए. एल. सिंह, डाक्टर ओग्रे जांजगीर, ब्लॉक लेबल के डाक्टर सहित जिले के गौवंश संरक्षक भी उपस्थित रहे।



