US-Iran Conflict : तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव अब सैन्य टकराव में बदलता नजर आ रहा है। ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिकी सेना ने उसके बुशहर परमाणु बिजली संयंत्र के पास हवाई हमला किया। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक यह हमला दोपहर करीब 12 बजे हुआ।
वहीं, अमेरिका की ओर से दावा किया गया है कि पिछले दो दिनों में ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। अमेरिकी सेना ने मिसाइल और ड्रोन हमलों के जरिए ईरान के 170 से ज्यादा ठिकानों पर कार्रवाई करने की बात कही है।
बुशहर परमाणु संयंत्र के पास हमले का दावा
ईरान ने दावा किया है कि अमेरिकी हमले का एक स्थान बुशहर परमाणु बिजली फैसिलिटी के आसपास था। यह संयंत्र ईरान के प्रमुख परमाणु ऊर्जा केंद्रों में शामिल है।
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ईरानी अधिकारियों ने इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि परमाणु प्रतिष्ठानों के आसपास सैन्य गतिविधियां क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकती हैं। हालांकि, हमले से परमाणु संयंत्र को किसी बड़े नुकसान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अमेरिका ने ईरानी सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना
अमेरिकी सेना के अनुसार, ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करने के उद्देश्य से कई ठिकानों पर हमले किए गए। इसमें मिसाइल सिस्टम, सैन्य अड्डे और रणनीतिक स्थान शामिल होने का दावा किया गया है।
अमेरिका का कहना है कि ये कार्रवाई अपनी सुरक्षा और क्षेत्र में मौजूद सहयोगी देशों की रक्षा के लिए की गई है।
जवाब में ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर किया हमला
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई का दावा किया है। ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की बात कही है।
दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य तनाव से पश्चिम एशिया में हालात चिंताजनक हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर संघर्ष बढ़ता है तो इसका असर वैश्विक सुरक्षा और ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है।
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से राजनीतिक और सैन्य तनाव चला आ रहा है। परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय प्रभाव और सैन्य गतिविधियां दोनों देशों के बीच विवाद की प्रमुख वजह रही हैं।
ताजा घटनाक्रम के बाद कई देशों ने संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस बात पर नजर रख रहा है कि दोनों देशों की अगली रणनीति क्या होगी।
फिलहाल अमेरिका और ईरान की ओर से अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि यह संघर्ष सीमित सैन्य कार्रवाई तक रहता है या बड़े टकराव में बदलता है।



