High Court’ बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सोमवार से नया रोस्टर लागू होने जा रहा है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की ओर से जारी किए गए नए रोस्टर में डिविजन बेंच और सिंगल बेंच के लिए मामलों का अलग-अलग निर्धारण किया गया है। नए रोस्टर के तहत हाईकोर्ट में विभिन्न आपराधिक, सिविल और संवैधानिक मामलों की सुनवाई अलग-अलग बेंचों में की जाएगी। इस बार भी हाईकोर्ट में कुल चार डिविजन बेंचों में मामलों की सुनवाई होगी।
चार डिविजन बेंच में होगी सुनवाई
नए रोस्टर के मुताबिक हाईकोर्ट में चार डिविजन बेंच निर्धारित की गई हैं। इन बेंचों में महत्वपूर्ण अपील, रिट याचिकाओं और अन्य ऐसे मामलों की सुनवाई होगी, जिनके लिए डिविजन बेंच का प्रावधान है। इसके अलावा अलग-अलग विषयों से जुड़े मामलों को सिंगल बेंच के सामने सूचीबद्ध किया जाएगा।
रोस्टर के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया है कि किस बेंच के समक्ष किस तरह के मामलों की सुनवाई होगी। इससे मामलों की सुनवाई की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।
चीफ जस्टिस की स्पेशल बेंच में जमानत मामलों की सुनवाई
नए रोस्टर में चीफ जस्टिस की स्पेशल बेंच को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। इस बेंच में जमानत से जुड़े मामलों समेत निर्धारित श्रेणी के अन्य प्रकरणों की सुनवाई की जाएगी। इसके अलावा हाईकोर्ट के समक्ष आने वाले महत्वपूर्ण मामलों को भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित बेंच में रखा जाएगा।
जमानत मामलों की सुनवाई के लिए अलग व्यवस्था होने से ऐसे मामलों की सुनवाई निर्धारित बेंच में होगी और केसों की सूची उसी अनुसार तैयार की जाएगी।
सिंगल बेंच में अलग-अलग मामलों का निर्धारण
नए रोस्टर में सिंगल बेंच के लिए भी अलग-अलग श्रेणी के मामलों का निर्धारण किया गया है। सेवा संबंधी विवाद, आपराधिक प्रकरण, सिविल मामले, रिट याचिकाएं और अन्य कानूनी मामलों को उनकी प्रकृति के आधार पर संबंधित बेंच में भेजा जाएगा।
इस व्यवस्था से अधिवक्ताओं और पक्षकारों को यह जानकारी पहले से मिल सकेगी कि उनका मामला किस बेंच के सामने सुना जाएगा।



