कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के बांकीमोंगरा क्षेत्र में मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां धान के खेत में एक नवजात बच्ची लावारिस हालत में मिली। खेत से बच्ची के रोने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और उसे सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद बच्ची को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। बांकीमोंगरा क्षेत्र में इस तरह की यह तीसरी घटना बताई जा रही है। घटना के बाद इलाके में चर्चा और चिंता का माहौल है।
धान के खेत में रोती मिली नवजात बच्ची
जानकारी के अनुसार, बांकीमोंगरा क्षेत्र में स्थानीय लोगों को धान के खेत से नवजात बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी। आवाज की दिशा में पहुंचे लोगों ने खेत में बच्ची को लावारिस हालत में पड़ा देखा। इसके बाद उन्होंने तत्काल बच्ची को उठाया और उसकी जान बचाने के लिए स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने की व्यवस्था की।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया गया इलाज
बच्ची को सबसे पहले नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने उसकी स्वास्थ्य जांच की और प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया। बेहतर चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता को देखते हुए डॉक्टरों ने बच्ची को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल बच्ची की स्वास्थ्य स्थिति और उपचार से संबंधित विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
बांकीमोंगरा में तीसरी घटना से बढ़ी चिंता
बताया जा रहा है कि बांकीमोंगरा क्षेत्र में नवजात बच्ची मिलने की यह तीसरी घटना है। लगातार इस तरह के मामले सामने आने से स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता बढ़ाने और जिम्मेदार लोगों की पहचान करने की जरूरत पर जोर दिया है।
बच्ची को खेत में छोड़ने के कारणों की जांच जरूरी
नवजात बच्ची को खेत में किसने और किन परिस्थितियों में छोड़ा, फिलहाल इसकी जानकारी स्पष्ट नहीं है। मामले में पुलिस की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के संबंध में भी आधिकारिक विवरण सामने आना बाकी है। बच्ची के परिजनों की पहचान और उसे खेत में छोड़े जाने के कारणों का पता लगाना महत्वपूर्ण होगा।




