CG News : रायपुर। छत्तीसगढ़ में आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA), नई दिल्ली द्वारा VERY HIGH RISK श्रेणी में चिह्नित प्रदेश के 17 अस्पतालों की बुधवार को राज्य स्तरीय जांच टीम ने जांच की। इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आयुष्मान योजना में अनियमितता और मरीजों के साथ धोखाधड़ी करने वाले अस्पतालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि गरीब और जरूरतमंद मरीजों को मिलने वाली सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
17 अस्पतालों की जांच के लिए पहुंची टीम
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने छत्तीसगढ़ के 17 अस्पतालों को VERY HIGH RISK श्रेणी में चिह्नित किया है। इसके बाद राज्य सरकार ने इन अस्पतालों की जांच के लिए राज्य स्तरीय टीम गठित की। बुधवार को जांच टीम ने संबंधित अस्पतालों में पहुंचकर आयुष्मान भारत योजना के तहत दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं और संभावित अनियमितताओं की पड़ताल की।
जांच के दौरान अस्पतालों में मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, उपचार संबंधी रिकॉर्ड और योजना के निर्धारित नियमों के पालन की स्थिति की समीक्षा की गई। हालांकि, जांच में सामने आई अनियमितताओं और अस्पतालवार निष्कर्षों का विस्तृत विवरण अभी उपलब्ध नहीं कराया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने दी कड़ी चेतावनी
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आयुष्मान योजना में गड़बड़ी की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही। उन्होंने दो टूक कहा, “छत्तीसगढ़िया लोगों को लूटने वालों का हश्र यही होगा।”
मंत्री ने स्पष्ट किया कि आयुष्मान भारत योजना का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इस योजना के नाम पर मरीजों से अवैध वसूली या किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर संबंधित अस्पतालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
राज्य सरकार का कहना है कि आयुष्मान योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और पात्र हितग्राहियों को निर्धारित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। जांच के माध्यम से अस्पतालों की कार्यप्रणाली और योजना के दिशा-निर्देशों के अनुपालन की स्थिति का आकलन किया जा रहा है।




