कोरबा 31 जुलाई 2024 / बोर्ड परीक्षा में यदि 20 प्रतिशत से ज्यादा बच्चे अनुत्तीर्ण हो रहे हैं तो इसका मतलब शिक्षकों की अध्यापन शैली कमजोर है। शिक्षक अध्यापन शैली को मजबूत करते हुए विषयों के प्रति विद्यार्थियों में रुचि बढ़ाए। उक्त निर्देश श्री संबित मिश्रा सीईओ जिला पंचायत ने कलेक्ट्रेट के सभागार में आयोजित शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में दिए। श्री मिश्रा ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं बोर्ड परीक्षा में बेहतर परिणाम लाने के लिए विद्यालयवार समीक्षा की और सम्बन्धित शिक्षकों से कार्ययोजना की जानकारी ली. उन्होंने कहा कि आज सोशल मीडिया के समय में कई टीचिंग टूल्स उपलब्ध हैं जिनका प्रयोग करके शिक्षक विद्यार्थियों का कान्सेप्ट क्लियर कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि साइंस जैसे विषयों का विजुअल एक्ट करना बहुत आसान है जिससे छात्रों में जिज्ञासा बढ़ायी जा सकती है।
सीईओ श्री मिश्रा ने कहा कि बोर्ड परीक्षा में फेल होने पर बच्चे स्कूल ही छोड़ देते हैं, ऐसा हमें नहीं होने देना है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में पढाई में कमजोर बच्चों का चिन्हांकन करके उन पर विशेष ध्यान दिया जाये। शिक्षक योजनाबद्ध तरीके से अध्यापन का कार्य करें। इसके साथ ही विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करें। इस वर्ष जिले के शत-प्रतिशत विद्यार्थी बोर्ड परीक्षा में पास होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा स्कूलों में रिक्त शिक्षको की भर्ती की जा रही है। इसके साथ ही सभी आवश्यक आधारभूत संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। इसलिए जिले में बोर्ड परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत आना चाहिए। सीईओ ने जिला प्रशासन द्वारा जिले के बच्चों को नीट/जेईई की तैयारी हेतु रायपुर में उच्च संस्था में निःशुल्क प्रवेश एवं शासकीय विश्वविद्यालय, महाविद्यालयों में डॉक्टर, इंजीनियर की निशुल्क पढ़ाई कार्यक्रम की जानकारी दी। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी श्री टी. पी. उपाध्याय सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं, व्याख्याता उपस्थित थे।
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