रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा आज छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी मुख्यालय में स्मार्ट मीटरिंग की कार्यप्रणाली एवं प्रगति से संबंधित प्रस्तुतिकरण का अवलोकन किया गया। इस अवसर पर आयोग के अध्यक्ष श्री हेमंत वर्मा ने कहा कि स्मार्ट मीटर लगाने के साथ ही उपभोक्ताओं को भी स्मार्ट बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली से प्राप्त होने वाले आंकड़ों का उपयोग वितरण कंपनी की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए किया जा सकता है।
विद्युत सेवाभवन मे प्रबंध निदेशकगण श्री भीमसिंह कंवर, श्री एस.के. कटियार, श्री राजेश कुमार शुक्ला सहित कार्यपालक निदेशक, मुख्य अभियंताओं व अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में अतिरिक्त मुख्य अभियंता (प्रोजेक्ट) श्री अब्राहम वर्गीज ने पाॅवर पाइंट के माध्यम से प्रस्तुतिकरण दिया। इस अवसर पर टाटा पॉवर और जीनस कंपनी के अधिकारी भी उपस्थित थे। प्रदेश में घरेलू उपभोक्ताओं के परिसरों में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य शुरू किया गया है। आयोग को बताया गया कि जिन परिसरों में स्मार्ट मीटर लगाया गया है उसकी निरंतर समीक्षा की जा रही है। स्मार्ट मीटर की रीडिंग सटीक और वास्तविक है। पुराने मीटरों की रीडिंग व स्मार्ट मीटर की रीडिंग में मान्य सीमा के अंदर ही विचलन पाया गया जो 0.1 प्रतिशत से कम है।
इस अवसर पर श्री हेमंत वर्मा ने कहा कि यह योजना आधुनिक तकनीकी पर आधारित है जिसके सही उपयोग से उपभोक्ता को अपने घर की बिजली खपत की जानकारी, बिजली उपभोग की ट्रैकिंग, उपभोग की वास्तविक जानकारी व नियंत्रण करने का अधिकार मिलेगा। यह योजना संपूर्ण रूप से उपभोक्ता हित में बनाई गई है। उन्होंने इस योजना के प्रति संतुष्टि जाहिर की और पॉवर कंपनी, टाटा पॉवर और जीनस कंपनी को शुभकामनाएं दी।
कार्यक्रम में नियामक आयोग के सचिव श्री सूर्यप्रकाश शुक्ला, निदेशकगण श्री सुरेंद्र सिंह, श्री सुरोबिन राॅय सहित पाॅवर कंपनी के कार्यपालक निदेशक श्री आर.ए. पाठक, श्री वी.के. साय, श्रीमती ज्योति नन्नौरे एवं मुख्य अभियंता राजेंद्र प्रसाद उपस्थित थे।
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