कोरबा: एसईसीएल क्षेत्र के बीएफपीएल संगटा कंपनी में कार्यरत मजदूर, ड्राइवर, हेल्पर, ऑपरेटर, और सुपरवाइजरों ने अपनी विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए कंपनी प्रशासन को 5 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो 10 अक्टूबर 2024 को बीपीएम ऑफिस का घेराव किया जाएगा और गेवरा खदान में काम को पूर्ण रूप से बाधित कर अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।
### मजदूरों की प्रमुख मांगे:
1. ए.पी. रेट का निर्धारण कोल इंडिया द्वारा नहीं किया गया है।
2. एमपीची रेट के बजाय नियम के विरुद्ध दरें दी जा रही हैं।
3. मासिक वेतन का समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा है।
4. ईपीएफ में कटौती नियमों से अधिक की जा रही है।
5. सुरक्षा उपकरणों की कमी के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
6. मजदूरों को परिचय पत्र नहीं दिया गया है।
7. कर्मचारियों के साथ अपमानजनक व्यवहार और गाली-गलौच की जाती है।
8. आपातकालीन स्थिति में छुट्टी नहीं दी जाती है।
9. कर्मचारियों की हाजिरी नहीं लगाई जाती है।
10. गाड़ियों में मामूली टूट-फूट पर ड्राइवरों को नौकरी से निकाल दिया जाता है।
11. गाड़ियों के ब्रेकडाउन होने पर हाजिरी नहीं दी जाती है।
12. वेतन भुगतान के लिए नियमित दिन नहीं निर्धारित है।
13. ठेकेदार कंपनियों द्वारा कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है।
मजदूरों ने बताया कि उन्हें कंपनी में काम करने के दौरान मानसिक, शारीरिक, और आर्थिक शोषण का सामना करना पड़ रहा है। अगर 5 दिनों के भीतर इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो 10 अक्टूबर को खदान के काम को पूरी तरह बाधित कर अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।
यह हड़ताल कोरबा जिले में मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए की जा रही है, जिसमें श्रम संगठनों और स्थानीय संगठनों का भी समर्थन प्राप्त है। प्रशासन से अपील की गई है कि जल्द से जल्द मजदूरों की समस्याओं का समाधान किया जाए ताकि स्थिति को बिगड़ने से रोका जा सके।


