Thursday, January 1, 2026

बहुचर्चित सामूहिक दुष्कर्म मामले में तत्कालीन उपनिरीक्षक हुआ बरी, सुनवाई के दौरान ही पीड़िता ने की थी आत्महत्या

भानुप्रतापपुर : प्रदेश में चर्चित रहे सामूहिक दुष्कर्म के मामले में आज फैसला आया है। कांकेर में पदस्थ तत्कालीन पुलिस उप निरीक्षक किशोर तिवारी को आज विशेष न्यायालय द्वारा निर्दोष करार दिया गया। बता दें कि भानुप्रतापपुर थाने में 4 अप्रैल 2021 को दर्ज एफआईआर के अनुसार, पुलिस ने धारा 376D, 506 IPC, SC/ST एक्ट एवं पोक्सो के तहत मामला दर्ज किया था, जिसमें तत्कालीन पुलिस उप निरीक्षक किशोर तिवारी, साथी विकास हिरदानी और मनोज सिंह पर एफआईआर दर्ज की गई थी।

मामले में विकास हिरदानी और मनोज सिंह को पुलिस ने तत्काल गिरफ्तार कर लिया था, जबकि पुलिस उप निरीक्षक किशोर तिवारी फरार चल रहे थे। उन्हें 23 अगस्त 2022 को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में अन्य आरोपियों को पूर्व में ही न्यायालय द्वारा बरी कर दिया गया था। विशेष न्यायालय भानुप्रतापपुर के न्यायाधीश दीपक कुमार गुप्ता ने आज अंतिम आरोपी किशोर तिवारी को भी बरी कर दिया।

बता दें कि वर्ष 2021 में जब यह मामला प्रदेशभर में चर्चा का विषय बना था, पीड़िता के समाज द्वारा व्यापक प्रदर्शन किए गए थे, जिससे पुलिस के खिलाफ माहौल बन गया था। आनन-फानन में पुलिस विभाग ने तत्कालीन फरार उप निरीक्षक किशोर तिवारी को सेवा से बर्खास्त कर दिया था। ध्यान देने योग्य बात यह है कि इस मामले की पीड़िता ने पिछले वर्ष कुएं में कूदकर आत्महत्या कर ली थी।

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