पुलिस मुख्यालय रायपुर के निर्देश पर साइबर थाना जांजगीर -चांपा ने म्यूल खातों के जरिए देशभर में साइबर ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 05 आरोपियों को गिरफ्तार पूर्व में न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है। मामले में शामिल एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कमीशन के लालच में अपने नाम से बैंक खाते खुलवाकर साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराए, जिनका उपयोग विभिन्न राज्यों में ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के लिए किया गया।
समन्वय पोर्टल से प्राप्त इनपुट के आधार पर साइबर थाना पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों एवं बैंकिंग ट्रांजेक्शन की गहन जांच की। विवेचना में पता चला कि कर्नाटक एवं महाराष्ट्र के तीन अलग-अलग साइबर फ्रॉड मामलों में कुल लगभग 162149/ रुपये की ठगी की गई थी और यह राशि आरोपियों द्वारा उपलब्ध कराए गए म्यूल खातों में ट्रांसफर हुई थी।
पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा
आरोपी निखिल पांडेय उम्र 26 वर्ष ग्राम पचौरी थाना सारागांव हाल मुकाम शंकर नगर चांपा को पकड़ा जिसको पूछताछ किया गया जो जुर्म स्वीकार किए जाने से विधिवत गिरफ्तारी कार्यवाही कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
क्या होता है म्यूल अकाउंट?
म्यूल अकाउंट वह बैंक खाता होता है जिसे कोई व्यक्ति कमीशन या लालच में साइबर अपराधियों को उपयोग के लिए उपलब्ध करा देता है। ऐसे खातों के जरिए ठगी की रकम इधर- उधर ट्रांसफर की जाती है, जिससे अपराधियों तक पहुंचना कठिन हो जाता है। कानून की नजर में ऐसा खाता उपलब्ध कराने वाला व्यक्ति भी अपराध में सहभागी माना जाता है।
साइबर थाना की आमजन से अपील
साइबर थाना जांजगीर-चांपा ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी लालच में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड, ओटीपी, पासवर्ड या इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी किसी अन्य व्यक्ति को न दें। म्यूल खाता उपलब्ध कराना भी दंडनीय अपराध है और इसमें संलिप्त पाए जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यदि किसी के साथ साइबर ठगी होती है, तो तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें तथा राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत करने से ठगी गई राशि को रोकने या वापस दिलाने की संभावना बढ़ जाती है।
उपरोक्त कार्यवाही में निरीक्षक भास्कर शर्मा प्रभारी सायबर थाना, ASI विवेक सिंह, प्रधान आरक्षक मनोज तिग्गा एवं सायबर टीम का सराहनीय योगदान रहा।



