महिला पतंजलि योग समिति छत्तीसगढ़ द्वारा ऑन लाइन 25 दिवसीय 100 घंटे के प्रांतीय सह योग शिक्षक प्रशिक्षण शिविर-3, में त्रिदोष अनुसार प्रकृति निर्धारण तथा प्रकृति अनुसार आहार-विहार से सुस्वास्थ्य पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमे पतंजलि योगपीठ हरिद्वार उत्तराखंड के आजीवन सदस्य, पतंजलि योगपीठ हरिद्वार से प्रशिक्षित सुप्रसिद्ध आयुर्वेद चिकित्सा विशेषज्ञ नाड़ीवैद्य डॉ.नागेन्द्र नारायण शर्मा ने त्रिदोष (वात-पित्त-कफ) के आधार पर अपनी प्रकृति का निर्धारण कैसे करें इस विषय पर विस्तार से बताते हुये सभीको त्रिदोषों का संतुलन बनाये रखने के लिये अपनी प्रकृति अनुसार आहार-विहार करने को कहा। क्योंकि त्रिदोषों को संतुलित रखकर ही हम निरोगी रह पायेंगे। साथ ही उन्होंने प्रकृति अनुसार आहार-विहार न करने को रोगोत्पत्ति का मूल कारण बताया। इस 25 दिवसीय 100 घंटे के वर्चुअल सह योग शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम में महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ ओडिशा, झारखंड सहित 11 जिले से 118 प्रतिभागी महिलायें महिला पतंजलि योग समिति छत्तीसगढ़ के राज्य प्रभारी सुश्री जया मिश्रा, राज्य सोशल मीडिया प्रभारी गीतांजलि पटनायकजी एवं राज्य कार्यकारिणी हेमलता साहू के मार्गदर्शन में सह योग शिक्षक का प्रशिक्षण ले रही हैं। इस ऑन लाइन 25 दिवसीय 100 घंटे के प्रांतीय सह योग शिक्षक प्रशिक्षण शिविर-3, में आयोजित त्रिदोष अनुसार प्रकृति निर्धारण तथा प्रकृति अनुसार आहार-विहार से सुस्वास्थ्य पर जागरूकता कार्यक्रम में पतजंलि महिला योग समिति की छत्तीसगढ़ राज्य कार्यकारिणी सदस्या हेमलता साहू, सोशल मीडिया प्रभारी कोरबा जिला विंद्रा चौहान, योग शिक्षिका चंद्रबाला शुक्ला के अलावा प्रशिक्षार्थी विद्या, सुरेखा, श्वेता, उषा, कल्पलता, रानी, किरण, बबली, रितु, नीशू एवं प्रमिला कुमारी के साथ पूरे छत्तीसगढ़ से बड़ी संख्या में प्रांतीय सह योग शिक्षक प्रशिक्षण शिविर-3, में प्रशिक्षण ले रही माताएं एवं बहने विशेष रूप से उपस्थित रही।
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.


