राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में विपक्ष के ‘इंडिया’ गठबंधन की हाई-प्रोफाइल मीटिंग चल रही है, जहां आगे की रणनीति पर चर्चा हो रही है. लेकिन इसी बैठक के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सुप्रीमो ममता बनर्जी को अपनी ही पार्टी से अब तक का सबसे तगड़ा झटका लगा है. टीएमसी के सबसे अनुभवी और कद्दावर राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. खबर के मुताबिक, सुखेंदु शेखर ने सीधे उपराष्ट्रपति आवास पहुंचकर अपना त्यागपत्र सौंप दिया. इस खबर के आते ही विपक्षी गठबंधन की बैठक के माहौल में अचानक भारी गरमाहट आ गई है.
मीटिंग के बीच बड़ा धमाका
मीडिया में के मुताबिक, सुखेंदु शेखर रॉय का यह इस्तीफा ऐसे समय पर आया है जब ममता बनर्जी दिल्ली में ‘इंडिया’ गठबंधन के बड़े नेताओं के साथ मंच साझा कर रही हैं. पार्टी के भीतर चल रही इस आंतरिक कलह के अचानक राष्ट्रीय स्तर पर उजागर होने से टीएमसी बैकफुट पर आ गई है. राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि सुखेंदु शेखर ने जानबूझकर इस समय का चुनाव किया ताकि वे पार्टी लीडरशिप को कड़ा संदेश दे सकें. इस इस्तीफे के बाद दिल्ली में चल रही विपक्षी दलों की बैठक में भी असहज स्थिति पैदा हो गई.
तीन बार से थे राज्यसभा सांसद
सुखेंदु शेखर रॉय का पार्टी छोड़ना ममता बनर्जी के लिए बहुत बड़ा नुकसान है. वे साल 2011 में पहली बार राज्यसभा सांसद बने थे और तृणमूल कांग्रेस ने उनके अनुभव और वफादारी को देखते हुए लगातार तीन बार उन्हें राज्यसभा भेजा. वे संसद में टीएमसी का सबसे मजबूत और प्रखर चेहरा माने जाते थे. लेकिन पिछले कुछ समय से पार्टी के भीतर उनका दम घुट रहा था, जिसके बाद उन्होंने आज इतना बड़ा और कड़ा राजनीतिक कदम उठाने का फैसला किया.


