Friday, January 2, 2026

शराब घोटाले में बड़ा अपडेट: सौम्या चौरसिया की रिमांड समाप्त, अदालत में पेशी आज

Liquor Scam Case : रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री की उपसचिव रह चुकीं सौम्या चौरसिया की 14 दिन की न्यायिक रिमांड आज समाप्त हो रही है। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद उन्हें आज संबंधित अदालत में पेश किया जाएगा। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सौम्या चौरसिया को 16 दिसंबर को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें पहले तीन दिन की रिमांड पर लिया गया, जिसके पश्चात उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया था।

इस मामले में ईडी की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। सौम्या चौरसिया से पूछताछ और बयान दर्ज किए जाने के बाद ईडी ने ईओडब्ल्यू के मामले में पहले से जेल में बंद पूर्व आबकारी आयुक्त एवं निलंबित आईएएस अधिकारी निरंजन दास को भी गिरफ्तार किया है। निरंजन दास को कल अदालत में पेश किया जाएगा।

ईडी ने शराब घोटाले से जुड़े इस प्रकरण में मंगलवार को अपनी फाइनल चार्जशीट भी पेश कर दी है। चार्जशीट में करीब 2880 करोड़ रुपये की अवैध कमाई का खुलासा किया गया है। अब इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया के तहत ट्रायल की तैयारी की जा रही है, हालांकि ट्रायल की तारीख अभी तय नहीं की गई है।

क्या है छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला

छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले की जांच प्रवर्तन निदेशालय द्वारा की जा रही है। इस मामले में ईडी ने एसीबी में एफआईआर दर्ज कराई है, जिसमें 3200 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले का आरोप लगाया गया है। ईडी की जांच में सामने आया है कि तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में एक कथित सिंडिकेट के माध्यम से इस घोटाले को अंजाम दिया गया।

ईडी के अनुसार, इस सिंडिकेट में तत्कालीन आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी एपी त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर की प्रमुख भूमिका बताई गई है। जांच एजेंसी का दावा है कि इस नेटवर्क के जरिए अवैध शराब कारोबार और कमीशन के माध्यम से भारी मात्रा में अवैध धन अर्जित किया गया।

इस प्रकरण में राजनेताओं, आबकारी विभाग के अधिकारियों और कारोबारियों सहित कई लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज है। मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया फिलहाल जारी है, जिस पर पूरे प्रदेश की नजर बनी हुई है।

- Advertisement -
Latest news
- Advertisement -
Related news
- Advertisement -