योग शब्द का अर्थ ही एकता है, जो मन, शरीर और आत्मा के बीच संबंध पर ज़ोर देता है । योग न केवल मानव मन और शरीर को स्वस्थ बनाता है, बल्कि योग एक ऐसी पद्धति भी है जिसके विभिन्न रूपों से हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को अलग-अलग तरीकों से लाभ मिलता है।उक्त उद्गार 10वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में श्री राजीव खन्ना, परियोजना प्रमुख (कोरबा) ने व्यक्त किए । अपने सम्बोधन में श्री खन्ना ने कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने की शुरुआत भारत की ओर से की गई थी। अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर मनाने की शुरुआत सबसे पहले वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने की थी। जब संयुक्त राष्ट्र की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा था ।
एनटीपीसी कोरबा आवासीय परिसर स्थित कल्याण मंडप में 10वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन धूमधाम से किया गया । सबसे पहले कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री राजीव खन्ना, परियोजना प्रमुख का मानव संसाधन प्रमुख श्री शशि शेखर ने स्वागत किया । इसके बाद आमंत्रित प्रशिक्षकों का भी स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए योग कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ । योग प्रशिक्षक के रूप में आमंत्रित श्री संजय कुर्वंशी ने योग के विविध पहलुओं पर चर्चा करते हुए इसके महत्व के बारे में बताया और इसके उपरांत विभिन्न प्रकार के योग का अभ्यास करवाते हुए इसके लाभों से अवगत करवाया ।
समारोह के दौरान विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षगण, यूनियन एवं असोसियेशन के पदाधिकारीगण कर्मचारी एवं उनके परिजन मौजूद रहे ।
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