CG Crime News , सूरजपुर। आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में साधुओं के प्रति सम्मान की भावना आमतौर पर प्रबल होती है, लेकिन कभी-कभी उनके व्यवहार या किसी कारनामे पर संदेह उत्पन्न होने पर हालात बेहद गंभीर हो सकते हैं। ऐसा ही मामला सूरजपुर जिले के देवनगर गांव में सामने आया, जहां तंत्र-मंत्र के शक में ग्रामीणों ने दो साधुओं को घेरकर बुरी तरह पीटा।
माओवादी संगठन में खलबली, सीनियर महिला कैडर के सरेंडर की चर्चा से बढ़ा तनाव
जानकारी के अनुसार, गांव में दूसरे प्रांत से आए दो साधु स्थानीय व्यक्ति का हाथ देख रहे थे। इसी दौरान उस व्यक्ति की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गया। इस घटना की जानकारी जैसे ही आसपास के लोगों को लगी, तो बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। लोगों ने माना कि साधु तंत्र-मंत्र कर रहे हैं और इसी शक के चलते उन्होंने साधुओं की जमकर धुनाई शुरू कर दी।
करीब एक घंटे तक चले इस तनावपूर्ण बवाल में गांव का माहौल पूरी तरह भयभीत हो गया। ग्रामीणों ने साधुओं को पकड़कर पीटा और लगातार उन पर नाराजगी व्यक्त की। घंटों चले विवाद और हंगामे के बाद आखिरकार ग्रामीणों ने दोनों साधुओं को छोड़ दिया। इसके बाद साधु अपनी सुरक्षा के लिए मोटरसाइकिल पर बैठकर मौके से फरार हो गए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि साधुओं के कार्य और उनके रहस्यमय अंदाज ने ग्रामीणों में भय और गुस्सा पैदा कर दिया। वहीं पुलिस ने मामले की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में किया और साधुओं की शिकायत दर्ज कराई गई।
यह घटना इस बात की ओर इशारा करती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अंधविश्वास और संदेह कितनी तेजी से हिंसा का रूप ले सकता है। पुलिस और प्रशासन ने चेतावनी दी है कि ऐसे मामलों में तुरंत अधिकारियों को सूचित करना चाहिए और किसी भी तरह की हिंसा से बचना चाहिए।



