CG NEWS गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। आदिम जाति सेवा सहकारी समिति द्वारा गौरेला विकासखंड के धनौली में जन औषधि केंद्र के शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान बड़ा विवाद सामने आया। कार्यक्रम के आमंत्रण पत्र में क्षेत्र क्रमांक–03 से निर्वाचित जिला पंचायत सदस्य पवन पैकरा का नाम शामिल नहीं किए जाने से वे खासे नाराज नजर आए। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचते ही उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए जमकर नाराजगी जाहिर की।
घटना के दौरान पवन पैकरा के साथ मौजूद मंडल अध्यक्ष सहित अन्य समर्थकों ने नारेबाजी भी की। स्थिति को संभालने के लिए जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे उन्हें मनाते हुए दिखाई दिए, लेकिन पवन पैकरा नहीं माने और जमीन पर बैठकर कार्यक्रम के बहिष्कार का प्रदर्शन किया।
पवन पैकरा ने सवाल उठाते हुए कहा कि जिस क्षेत्र में जन औषधि केंद्र का उद्घाटन किया जा रहा है, उसी क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य और संबंधित जनपद सदस्य का नाम आमंत्रण पत्र में क्यों नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब अधिकारी ही नेतागिरी करेंगे, तो चुने हुए जनप्रतिनिधियों की भूमिका क्या रह जाएगी।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दो दिन पहले मलनिया जलाशय बोटिंग शुभारंभ कार्यक्रम में भी उनकी उपेक्षा की गई थी। इस पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से करने की बात कहते हुए पवन पैकरा कार्यक्रम स्थल से चले गए।
भाजपा सरकार के कार्यकाल में ही भाजपा समर्थित जनप्रतिनिधि की इस नाराजगी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे जिले में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का माहौल बना हुआ है।
कार्यक्रम में रहे ये अतिथि
1 जनवरी 2026 को दोपहर 12 बजे आयोजित इस कार्यक्रम में मरवाही विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी विशिष्ट अतिथि रहीं, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे ने की। जिला पंचायत अध्यक्ष समीरा पैकरा सहित कई जनपद व पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधि मंच पर मौजूद थे। इसके बावजूद आयोजन स्थल वाले क्षेत्र के निर्वाचित जिला पंचायत सदस्य पवन पैकरा का नाम आमंत्रण पत्र से पूरी तरह गायब रहना विवाद का कारण बन गया।



