CG NEWS : रायपुर। राजधानी रायपुर में शहर को साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखने के लिए बनाए गए ‘नो फ्लैक्स जोन’ के नियमों की खुलेआम अनदेखी होती नजर आ रही है। जिन इलाकों में फ्लैक्स, बैनर और पोस्टर लगाने पर रोक है, वहीं सड़कों और प्रमुख चौक-चौराहों पर जगह-जगह प्रचार सामग्री नजर आ रही है। नियमों के बावजूद लगातार लगाए जा रहे बैनरों को लेकर अब नगर निगम की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं।
प्रमुख सड़कों और चौक-चौराहों पर बैनर
शहर के कई प्रमुख मार्गों और सार्वजनिक स्थानों पर बिजली के खंभों, डिवाइडरों और अन्य जगहों पर बैनर लगाए गए हैं। कई स्थानों पर एक ही जगह पर कई प्रचार बोर्ड और फ्लैक्स नजर आते हैं। इससे न केवल शहर की खूबसूरती प्रभावित हो रही है, बल्कि सार्वजनिक स्थानों के व्यवस्थित उपयोग को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
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नो फ्लैक्स जोन में इस तरह प्रचार सामग्री लगाए जाने से नियमों के पालन को लेकर नगर निगम की निगरानी व्यवस्था पर भी चर्चा शुरू हो गई है।
नियम हैं, फिर भी पालन क्यों नहीं?
शहर में अवैध होर्डिंग, फ्लैक्स और बैनर लगाने पर कार्रवाई के लिए नगर निगम की ओर से नियम निर्धारित हैं। इसके बावजूद कई जगहों पर बिना अनुमति प्रचार सामग्री लगाए जाने की शिकायतें सामने आती रहती हैं।
स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि किसी क्षेत्र को नो फ्लैक्स जोन घोषित किया गया है तो वहां नियमित निगरानी क्यों नहीं की जा रही? बैनर लगाने वालों की पहचान कर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?
ट्रैफिक और सुरक्षा पर भी असर
सड़कों के किनारे और चौराहों के आसपास लगाए गए बड़े बैनर कई बार वाहन चालकों का ध्यान भी भटका सकते हैं। कुछ स्थानों पर प्रचार सामग्री सड़क और फुटपाथ के आसपास तक पहुंच जाती है, जिससे पैदल चलने वालों को भी परेशानी होती है।
बारिश और तेज हवा के दौरान ढीले फ्लैक्स या अस्थायी ढांचे गिरने का खतरा भी बना रहता है। ऐसे में यह केवल शहर की सुंदरता का मुद्दा नहीं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा से भी जुड़ा विषय है।




