CG NEWS : रायपुर। स्मार्ट मीटर और चेक मीटर से जुड़े मामलों की जांच के दौरान विभागीय स्तर पर लापरवाही सामने आने के बाद कार्रवाई की गई है। जांच में संबंधित कार्यों में कथित अनियमितता और जिम्मेदारी के निर्वहन में कमी पाए जाने पर एक कनिष्ठ अभियंता (JE) को नोटिस जारी किया गया है।
मामले के सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित कर्मचारी से जवाब मांगा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार स्मार्ट मीटर और चेक मीटर की जांच प्रक्रिया में निर्धारित नियमों और जिम्मेदारियों के पालन को लेकर सवाल उठे हैं।
जांच के दौरान खुली लापरवाही की परतें
स्मार्ट मीटर व्यवस्था को बिजली उपभोक्ताओं के लिए अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से आधुनिक प्रणाली माना जाता है। वहीं किसी उपभोक्ता को मीटर रीडिंग या बिजली बिल को लेकर शिकायत होने पर चेक मीटर के माध्यम से जांच की प्रक्रिया अपनाई जाती है।
186 लोग थे सवार, अचानक खराब हुआ इंजन’ पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
इसी तरह की जांच के दौरान संबंधित JE की भूमिका की समीक्षा की गई। जांच में कुछ स्तरों पर लापरवाही सामने आने के बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया और नोटिस जारी कर जवाब तलब किया।
JE से मांगा गया स्पष्टीकरण
विभाग द्वारा जारी नोटिस में संबंधित JE से तय समय सीमा के भीतर अपना पक्ष रखने और स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। अधिकारी यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि जांच प्रक्रिया में लापरवाही किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है तो विभागीय नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि अंतिम निर्णय जांच और संबंधित अधिकारी के जवाब के बाद ही लिया जाएगा।
उपभोक्ताओं की शिकायतों को लेकर विभाग गंभीर
बिजली मीटर और बिलिंग से जुड़ी शिकायतें अक्सर उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बनती हैं। स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद कई जगह बिजली खपत और बिल को लेकर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे मामलों में चेक मीटर और तकनीकी जांच की प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
विभाग का कहना है कि उपभोक्ताओं की शिकायतों का समय पर और निष्पक्ष समाधान किया जाना जरूरी है। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।




