CG NEWS : नई दिल्ली, 22 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ में 2300 डीएड प्रशिक्षित अभ्यर्थियों की नियुक्ति की मांग अब राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र तक पहुंच गई है। पिछले 210 दिनों से लगातार आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को दिल्ली पहुंचा और जंतर-मंतर पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के इस्तीफे की मांग भी उठाई।
“भविष्य के साथ अन्याय” का आरोप
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वे वर्षों की पढ़ाई और प्रशिक्षण के बाद भी नियुक्ति से वंचित हैं। उनका कहना है कि केंद्र और राज्य सरकारें योग्य अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ अन्याय कर रही हैं। अभ्यर्थियों ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में देरी और स्पष्ट निर्णय नहीं होने के कारण हजारों परिवार आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहे हैं।
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प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर नारेबाजी की। कई अभ्यर्थियों ने कहा कि उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग सरकार तक पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।
जंतर-मंतर पर हुई सभा
जंतर-मंतर पर आयोजित सभा में अभ्यर्थियों के प्रतिनिधियों ने कहा कि 210 दिनों से जारी आंदोलन केवल रोजगार का सवाल नहीं, बल्कि सम्मान और अधिकार की लड़ाई है। प्रतिनिधियों ने मांग की कि 2300 रिक्त पदों पर तत्काल नियुक्ति आदेश जारी किए जाएं और भर्ती प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा देशभर के शिक्षक संगठनों से समर्थन मांगा जाएगा।
केंद्र और राज्य सरकार को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद अभ्यर्थियों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री और छत्तीसगढ़ सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा कर तत्काल नियुक्ति देने, लंबित मामलों का निपटारा करने और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए स्पष्ट भर्ती नीति बनाने की मांग की गई है।
डीएड अभ्यर्थियों का कहना है कि वे निर्धारित योग्यता और प्रशिक्षण पूरा कर चुके हैं, लेकिन भर्ती प्रक्रिया में लगातार बदलाव और प्रशासनिक निर्णयों के कारण नियुक्ति नहीं हो पा रही है। दूसरी ओर, राज्य सरकार का कहना है कि मामले से जुड़े कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं का परीक्षण किया जा रहा है।



