CG News : अंबिकापुर। प्रदेश में पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला एक मामला सामने आया है। कैदी को लेकर पहुंचे पुलिसकर्मी खुद विवादों में घिर गए। बताया जा रहा है कि मौके पर एक सहायक उपनिरीक्षक (ASI) और आरक्षक नशे की हालत में बेसुध मिले। इतना ही नहीं, घटनास्थल पर राइफल भी लावारिस हालत में पड़ी होने की जानकारी सामने आई है। इस घटनाक्रम ने पुलिस विभाग की सतर्कता, अनुशासन और हथियारों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कैदी को लेकर पहुंचे थे पुलिसकर्मी
जानकारी के अनुसार, पुलिसकर्मी एक कैदी को लेकर पहुंचे थे। इसी दौरान उनकी स्थिति को लेकर विवाद खड़ा हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिसकर्मियों को नशे की हालत में बेसुध पड़े देखा। घटना की जानकारी सामने आने के बाद संबंधित पुलिसकर्मियों के आचरण को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ हिरासत में रखे गए आरोपियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। ऐसे में ड्यूटी के दौरान नशे की हालत में पाए जाने का मामला गंभीर माना जा रहा है।
लावारिस हालत में मिली राइफल से बढ़ी चिंता
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चिंताजनक पहलू राइफल का लावारिस हालत में पड़ा होना बताया जा रहा है। पुलिसकर्मियों के पास मौजूद हथियारों की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण होती है। किसी भी परिस्थिति में सरकारी हथियार को असुरक्षित छोड़ना गंभीर लापरवाही का विषय बन सकता है।
यदि ड्यूटी के दौरान हथियार बिना निगरानी के छोड़ दिया गया था, तो इससे किसी अप्रिय घटना की आशंका पैदा हो सकती थी। हालांकि, राइफल किन परिस्थितियों में वहां पड़ी थी और उसकी सुरक्षा को लेकर क्या कार्रवाई की गई, इसकी आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।
पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
इस मामले ने पुलिस विभाग की निगरानी व्यवस्था और ड्यूटी के दौरान अनुशासन को लेकर सवाल खड़े किए हैं। पुलिसकर्मियों से अपेक्षा की जाती है कि वे ड्यूटी के समय पूरी तरह सतर्क रहें और सरकारी संसाधनों का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करें।
कैदी की निगरानी, हथियारों की सुरक्षा और पुलिसकर्मियों की जवाबदेही जैसे मुद्दे इस घटना के बाद चर्चा में हैं। मामले की निष्पक्ष जांच होने पर ही स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित कर्मचारियों की लापरवाही किस स्तर की थी।




