रायपुर छत्तीसगढ़ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने आज भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। एक ओर जहाँ अंबिकापुर में हाउसिंग बोर्ड के संभागीय कमिश्नर और उनके बाबू को ठेकेदार से पैसे लेते पकड़ा गया, वहीं कोंडागांव में एक सेवानिवृत्त शिक्षक की पेंशन रोकने वाले क्लर्क को सलाखों के पीछे पहुँचाया गया।
1. अंबिकापुर: हाउसिंग बोर्ड कमिश्नर और बाबू ट्रैप
सरगुजा संभाग के अंबिकापुर स्थित छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल (Housing Board) के कार्यालय में एसीबी की टीम ने दबिश दी।
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आरोपी: संभागीय उपायुक्त (डिप्टी कमिश्नर) पूनम चंद अग्रवाल और वरिष्ठ सहायक अनिल सिन्हा।
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रिश्वत की रकम: कुल 65,000 रुपये (कमिश्नर के पास से 60 हजार और बाबू के पास से 5 हजार बरामद)।
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मामला: एक ठेकेदार ने शिकायत की थी कि निर्माण कार्यों के भौतिक सत्यापन और समय-सीमा बढ़ाने की अनुशंसा करने के बदले अधिकारियों ने 1 लाख रुपये की मांग की थी। सौदा 65 हजार में तय हुआ, जिसके बाद एसीबी ने जाल बिछाकर दोनों को रंगे हाथों पकड़ लिया।
2. कोंडागांव: पेंशन के नाम पर बुजुर्ग शिक्षक से उगाही
दूसरी कार्रवाई कोंडागांव के विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय में हुई।
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आरोपी: सहायक ग्रेड-2 सतीश सोढ़ी।
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रिश्वत की रकम: 40,000 रुपये।
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मामला: मिडिल स्कूल सरपंच पारा से सेवानिवृत्त हुए प्रधान अध्यापक सोनू सिंह यादव अपनी पेंशन शुरू कराने के लिए कार्यालय के चक्कर काट रहे थे। आरोपी बाबू सतीश सोढ़ी ने पेंशन प्रकरण निपटाने के एवज में रिश्वत मांगी थी। पीड़ित की शिकायत पर जगदलपुर एसीबी की टीम ने शुक्रवार को बाबू को दफ्तर में ही घूस लेते दबोच लिया।
भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार
एसीबी के अधिकारियों ने बताया कि दोनों मामलों में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
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बीईओ कार्यालय का ट्रैक रिकॉर्ड: कोंडागांव के इसी बीईओ कार्यालय में पिछले कुछ समय में भ्रष्टाचार को लेकर यह तीसरी बड़ी कार्रवाई है, जिससे शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
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जांच जारी: पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इन मामलों में क्या कोई वरिष्ठ अधिकारी या बड़ा सिंडिकेट भी शामिल है।
“राज्य में कोई भी अधिकारी या कर्मचारी जनता के काम के बदले रिश्वत मांगता है, तो उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। अंबिकापुर और कोंडागांव की कार्रवाई इसी कड़ी का हिस्सा है।” — ACB अधिकारी



