CG News : रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और पूरी तरह डिजिटल व पेपरलेस बनाने की तैयारी तेज हो गई है। नवा रायपुर स्थित नए विधानसभा भवन में आगामी बजट सत्र से पहले डिजिटल व्यवस्था लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की पहल पर सदन की कार्यवाही को तकनीक आधारित बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। इस व्यवस्था के तहत विधायकों की टेबल पर टैबलेट और अन्य डिजिटल उपकरण लगाए जाएंगे, जिनके माध्यम से सदन से जुड़ी जरूरी जानकारियां उपलब्ध होंगी। इससे विधानसभा की कार्यवाही को अधिक सुविधाजनक, व्यवस्थित और आधुनिक बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
विधायकों की टेबल पर लगेंगे टैबलेट
नई डिजिटल व्यवस्था के तहत विधानसभा सदस्यों की टेबल पर टैबलेट लगाए जाने की योजना है। इन उपकरणों के माध्यम से विधायकों को प्रश्नों, चर्चाओं और सदन की कार्यवाही से संबंधित दस्तावेज डिजिटल रूप में उपलब्ध कराने की तैयारी है।
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इससे विधायकों को जरूरी जानकारी प्राप्त करने के लिए कागजों के ढेर पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। डिजिटल माध्यम से दस्तावेजों तक पहुंच आसान होने के साथ ही महत्वपूर्ण सूचनाओं को व्यवस्थित तरीके से देखने और इस्तेमाल करने में भी सुविधा मिल सकती है।
आगामी बजट सत्र से पहले लागू करने का लक्ष्य
नवा रायपुर स्थित नए विधानसभा भवन में डिजिटल सुविधाओं को विकसित करने का काम आगामी बजट सत्र को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। लक्ष्य है कि सत्र शुरू होने से पहले आवश्यक तकनीकी व्यवस्थाएं तैयार कर ली जाएं।
इसके लिए सदन में डिजिटल उपकरणों की स्थापना, तकनीकी सुविधाओं और कार्यप्रणाली को व्यवस्थित करने पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि, पूरी व्यवस्था कब तक लागू होगी और इसके सभी तकनीकी पहलुओं का अंतिम स्वरूप क्या होगा, इसकी विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
कागजों की खपत घटेगी, कामकाज होगा आसान
विधानसभा को पेपरलेस बनाने का सबसे बड़ा लाभ कागजों के इस्तेमाल में कमी के रूप में देखा जा रहा है। सदन की कार्यवाही के दौरान प्रश्नों, उत्तरों, रिपोर्टों और अन्य दस्तावेजों की बड़ी मात्रा में प्रतियां तैयार करनी पड़ती हैं। डिजिटल व्यवस्था लागू होने से इन दस्तावेजों को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से उपलब्ध कराया जा सकेगा।
इससे कागज की खपत और दस्तावेजों के प्रबंधन पर होने वाला खर्च कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही जरूरी सूचनाओं को खोजने और संदर्भ के लिए दोबारा देखने की प्रक्रिया भी आसान हो सकती है।




