रायपुर, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आबकारी विभाग के नए नियमों का असर अब शराब दुकानों में दिखने लगा है। सोमवार को जिले की विभिन्न दुकानों में प्लास्टिक बोतल में देसी शराब की पहली खेप पहुंच चुकी है। नए नियम के मुताबिक, अब देसी और कम कीमत (चीप रेंज) वाली शराब कांच की बोतलों के बजाय प्लास्टिक की बोतलों में बेची जाएगी। हालांकि यह नियम 1 अप्रैल 2026 से ही प्रभावी हो चुका था, लेकिन आपूर्ति में देरी के कारण इसे अब धरातल पर उतारा जा रहा है। वर्तमान में अनुबंधित कंपनियों में से केवल दो कंपनियों ने ही आपूर्ति शुरू की है, जिसके तहत रायपुर में ‘शोले’ और ‘शेरा’ जैसे लोकप्रिय ब्रांड की प्लास्टिक बोतलें दुकानों तक पहुंच गई हैं।
पुराना स्टॉक खत्म होते ही बदली तस्वीर
शराब दुकानों में प्लास्टिक बोतलों की उपलब्धता पुराने स्टॉक पर निर्भर कर रही है। विभाग के निर्देशानुसार, जिन दुकानों में कांच की बोतलों वाला पुराना स्टॉक खत्म हो चुका है, वहां अब केवल प्लास्टिक बोतल में देसी शराब ही सप्लाई की जा रही है। इससे दुकानों के रैक पर अब पुरानी कांच की बोतलों की जगह हल्की और पारभासी प्लास्टिक की बोतलें नजर आने लगी हैं।
क्यों लिया गया प्लास्टिक बोतल का निर्णय?
आबकारी विभाग के इस फैसले के पीछे कई प्रशासनिक और लॉजिस्टिक कारण बताए जा रहे हैं। कांच की बोतलों के परिवहन के दौरान टूटने-फूटने का डर बना रहता था, जिससे राजस्व की हानि होती थी। प्लास्टिक की बोतलें हल्की होने के कारण इनके परिवहन और भंडारण में आसानी होगी। साथ ही, कांच की बोतलों के पुनर्चक्रण (Recycling) की जटिलता को देखते हुए भी प्लास्टिक को एक विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। प्लास्टिक बोतल में देसी शराब की बिक्री से मिलावट की शिकायतों पर भी लगाम कसने की तैयारी है।
बाजार में धीरे-धीरे बढ़ेगी उपलब्धता
आबकारी अधिकारियों का कहना है कि आने वाले हफ्तों में अन्य अनुबंधित कंपनियां भी प्लास्टिक बोतलों में आपूर्ति शुरू कर देंगी। जैसे-जैसे दुकानों से पुरानी कांच की बोतलों का स्टॉक पूरी तरह साफ होगा, सभी देसी शराब दुकानों पर केवल प्लास्टिक की बोतलों का ही चलन रह जाएगा। फिलहाल प्रीमियम ब्रांड्स और महंगी विदेशी शराब की पैकेजिंग में कोई बदलाव नहीं किया गया है।


