CG News : रायपुर। राजधानी रायपुर में शुक्रवार को उस समय राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई, जब रायपुर के नकटी गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने कथित बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में मंत्री ओपी चौधरी के सरकारी बंगले का घेराव किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में प्रभावित परिवार, महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए पुनर्वास, मुआवजा और अपनी मांगों पर सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की। स्थिति को देखते हुए मंत्री आवास और आसपास के क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में सड़क पर उतरे ग्रामीण
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की कार्रवाई के बाद कई परिवारों के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है। उनका आरोप है कि पर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना कार्रवाई की गई, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी के विरोध में ग्रामीण मंत्री के सरकारी आवास पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण धरना शुरू कर दिया।
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने सरकार से मांग की कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे भी प्रदर्शन में शामिल
धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे भी मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने मंत्री आवास के बाहर बैठकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया। कई लोगों ने कहा कि वे तब तक प्रदर्शन जारी रखेंगे, जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता।
हालांकि, प्रदर्शन के दौरान किसी प्रकार की हिंसा या अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। पुलिस लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल तैनात
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मंत्री आवास के बाहर और आसपास के इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने की अपील की और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए।
प्रशासन का कहना है कि पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल प्रदर्शन जारी है और ग्रामीण अपनी मांगों पर सरकार से स्पष्ट आश्वासन चाहते हैं। इस बीच, सरकार या मंत्री कार्यालय की ओर से प्रदर्शन और ग्रामीणों की मांगों पर आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नकटी गांव में हुई कार्रवाई और उसके विरोध में शुरू हुआ यह प्रदर्शन आने वाले दिनों में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दा बन सकता है। वहीं प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले में नियमानुसार कार्रवाई की गई है और यदि प्रदर्शनकारियों की ओर से कोई ज्ञापन या मांगपत्र सौंपा जाता है, तो उसका परीक्षण कर नियमों के अनुरूप आवश्यक निर्णय लिया जाएगा।



