Road Accident : छत्तीसगढ़ की सड़कों पर रफ़्तार का खूनी खेल, 2 की मौत के बाद प्रशासन अलर्ट
CCTV ने खोली अफसर की गुंडागर्दी की पोल
मिली जानकारी के अनुसार, पत्रकार और वकील किसी काम से कृषि विभाग के कार्यालय पहुंचे थे। वहां मौजूद अधिकारी से किसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते अफसर का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। वह अपनी कुर्सी से उठा और पत्रकार-वकील पर टूट पड़ा। अफसर ने उन्हें लात-घूंसों से पीटा। आप वहां दफ्तर में मौजूद अन्य कर्मचारियों की बेबसी महसूस कर सकते हैं; कुछ ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन गुस्से में अंधा अधिकारी किसी की सुनने को तैयार नहीं था।
पुलिस केस दर्ज, पत्रकार संगठनों में आक्रोश
हादसे के तुरंत बाद पीड़ितों ने थाने पहुंचकर अधिकारी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने CCTV फुटेज के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। इस बीच, इस घटना ने पत्रकार और वकील संगठनों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। उन्होंने अधिकारी की तत्काल गिरफ्तारी और निलंबन की मांग की है। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। आप हवा में तनाव महसूस कर सकते हैं क्योंकि पत्रकार अब सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।
“एक जिम्मेदार सरकारी पद पर बैठे व्यक्ति से ऐसे व्यवहार की उम्मीद नहीं की जा सकती। यह न केवल लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का अपमान है, बल्कि कानून-व्यवस्था को भी चुनौती है। हम आरोपी अधिकारी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग करते हैं।”
— अध्यक्ष, जिला पत्रकार संघ, सारंगढ़-बिलाईगढ़
इस घटना का वायरल वीडियो छत्तीसगढ़ सरकार के लिए गले की फांस बन सकता है। सरकारी कर्मचारियों की जवाबदेही और उनके व्यवहार पर एक बार फिर बहस छिड़ गई है। यदि प्रशासन ने आरोपी अधिकारी के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई नहीं की, तो यह मामला राजनीतिक रूप ले सकता है। आगामी चुनावों (2028 विधानसभा) को देखते हुए, विपक्ष इसे एक प्रमुख मुद्दा बना सकता है। फिलहाल, सबकी नज़रें पुलिसिया जांच और विभागीय कार्रवाई पर टिकी हैं, यह देखने के लिए कि क्या न्याय किया जाएगा या इसे रफा-दफा कर दिया जाएगा


