प्रदेशवासियों को साइबर क्राइम के विरुद्ध जागृत एवं सुरक्षित करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 02 अक्टूबर 2026 तक “साइबर जागृति अभियान” का आयोजन किया जाएगा। 15 अगस्त 1947 को करोड़ों देशवासियों के प्रयासों से देश को मिली आज़ादी के भाव से प्रेरित यह अभियान साइबर क्राइम के विरुद्ध एकजुटता से जागरूकता लाने और छत्तीसगढ़ को साइबर क्राइम मुक्त बनाने का अभिनव प्रयास है।
साइबर क्राइम के विरुद्ध निरंतर चलाए जा रहे अभियानों के क्रम में छत्तीसगढ़ पुलिस का “साइबर जागृति अभियान” देश के सबसे अनोखे, इनोवेटिव और ट्रेंडी अभियानों में से एक है। इस अभियान की मुख्य थीम है— “साइबर जागृति की एक सेल्फी”।
बड़ी संख्या में राज्यवासी छत्तीसगढ़ पुलिस एवं संबंधित जिला पुलिस के सोशल मीडिया हैंडल्स में जारी लिंक को क्लिक कर अथवा QR Code को स्कैन कर जागरूकता संदेश वाली “सेल्फी फ्रेम” में अपनी सेल्फी लेकर उसे स्वयं के सोशल मीडिया हैंडल्स में पोस्ट करेंगे। प्रदेश भर के लाखों लोग छत्तीसगढ़ पुलिस की जागरूकता संदेश वाली “सेल्फी फ्रेम” को सोशल मीडिया में शेयर करेंगे, जिससे साइबर क्राइम के प्रति जागरूकता का संदेश उनके फॉलोअर्स एवं फ्रेंड्स तक पहुंचेगा।
*जिला कोरबा में अभियान का शुभारंभ*
“साइबर जागृति अभियान” का शुभारंभ राजधानी रायपुर में माननीय मुख्यमंत्री एवं माननीय गृहमंत्री द्वारा किया गया। वहीं जिला कोरबा में पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी द्वारा प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए “साइबर जागृति अभियान” की लिंक एवं QR Code जारी कर अभियान का शुभारंभ किया गया।
*पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी* ने QR Code को स्वयं अपने मोबाइल में स्कैन कर अपनी सेल्फी ली तथा इसके पश्चात स्वयं सोशल मीडिया में अपनी सेल्फी फ्रेम को पोस्ट किया। इस अवसर पर उन्होंने जिलावासियों को अभियान के विषय में जानकारी दी तथा विशेषकर सामाजिक/व्यापारिक संगठनों, संस्थानों के पदाधिकारियों, सदस्यों एवं गणमान्य नागरिकों, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, प्रोफेशनल्स एवं कलाकारों से अधिक से अधिक संख्या में छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा जारी लिंक क्लिक कर अथवा QR Code स्कैन कर सेल्फी लेने एवं उसे सोशल मीडिया हैंडल्स में शेयर करने की अपील की।
अभियान के सार के विषय में जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी ने कहा कि, जिस तरह देश की आज़ादी के लिए करोड़ों देशवासी एकजुट होकर लड़े थे, उसी तरह हम सभी को साइबर क्राइम के विरुद्ध साथ मिलकर जिलावासियों को जागृत करना होगा और उन्हें साइबर सुरक्षित बनाना होगा।
उन्होंने आमजनों से अभियान को सफल बनाने की अपील करते हुए कहा कि “साइबर जागृति अभियान” के लिए जागरूकता की एक सेल्फी लें, उस सेल्फी को सोशल मीडिया में शेयर करें और साइबर अपराध को रोकने में जिला कोरबा पुलिस का सहयोग करें।
जिला कोरबा में सात सप्ताह तक होंगे विभिन्न कार्यक्रम
“साइबर जागृति अभियान” को जन-जन तक पहुँचाने के लिए जिला कोरबा पुलिस द्वारा जिले में अभियान को व्यापक स्वरूप दिया गया है। 15 अगस्त से 02 अक्टूबर तक यानी 07 सप्ताह में प्रदेश भर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
पहला सप्ताह: डिजिटल सतर्कता और बुनियादी सुरक्षा के लिए स्कूल/कॉलेजों में अभियान।
दूसरा सप्ताह: वित्तीय धोखाधड़ी और UPI सुरक्षा पर बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थानों में अभियान।
तीसरा सप्ताह: डिजिटल अरेस्ट और फर्जी कॉल के विषय पर वरिष्ठ नागरिकों के संग टाउन हॉल का आयोजन।
चौथा सप्ताह: स्मार्टफोन प्राइवेसी और सेफ ब्राउज़िंग पर महिला कॉलेजों एवं सामुदायिक समूहों के बीच अभियान।
पांचवां सप्ताह: जॉब फ्रॉड और फिशिंग को लेकर युवाओं को जागरूक करने रोजगार कार्यालयों, ITI एवं कौशल विकास केंद्रों में कार्यक्रम।
छठवां सप्ताह: डेटा प्राइवेसी और सोशल मीडिया की सीमाओं के विषय पर अभियान।
सातवां सप्ताह: ग्राम पंचायतों एवं निकायों में गांधी जयंती के उपलक्ष्य में साइबर मुक्त छत्तीसगढ़ का “संकल्प” अभियान।
अभियान का समापन
02 अक्टूबर 2026, गांधी जयंती के दिन “साइबर जागृति अभियान” का समापन किया जाएगा।
जिला कोरबा पुलिस टीमों एवं स्थानीय थानों द्वारा सार्वजनिक स्थानों, चौक-चौराहों, पार्क एवं बाजारों में पोस्टर-बैनर के माध्यम से QR Code को प्रचारित किया जाएगा। साथ ही राज्य पुलिस एवं जिला कोरबा पुलिस के सोशल मीडिया हैंडल्स तथा व्हाट्सएप ग्रुप्स के माध्यम से लिंक को शेयर कर अधिक से अधिक लोगों को सेल्फी लेने एवं सोशल मीडिया में शेयर करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
इस कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी की उपस्थिति में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री लखन पटले, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं साइबर नोडल अधिकारी श्री नीतिश कुमार ठाकुर, डीएसपी रजत नाग, यातायात डीएसपी साइबर थाना टीम के सहित जिला पुलिस के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।




