Friday, January 2, 2026

*गेवरा में छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना का घेराव, ड्राइवरों की समस्याओं का हुआ समाधान*

गुरुवार को छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना, एक गैर-राजनीतिक संगठन, के नेतृत्व में प्रदेश अध्यक्ष दिलीप मिरी, जिला अध्यक्ष अतुल दास महंत, उमा गोपाल, भू-विस्थापित संगठन के पदाधिकारियों और ड्राइवरों ने गेवरा जी.एम. कार्यालय का घेराव किया। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य रूंगटा कंपनी के तहत कार्यरत कर्मचारियों को उचित वेतन, चिकित्सा सुविधाएं, और अन्य आवश्यक सुविधाएं दिलाना था।

रूंगटा कंपनी पर आरोप लगाए गए थे कि वे अपने कर्मचारियों को उनकी मेहनत के अनुसार उचित वेतन और सुविधाएं नहीं प्रदान कर रहे थे। इस स्थिति को देखते हुए एसईसीएल प्रबंधन, रूंगटा कंपनी के अधिकारी, दीपका थाना प्रभारी, और तहसीलदार ने त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित की। इस वार्ता में ड्राइवरों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया और उनके समाधान के लिए कदम उठाए गए।

त्रिपक्षीय वार्ता के बाद, रूंगटा प्रबंधन ने ड्राइवरों की 13 सूत्रीय मांगों को मानते हुए सभी कर्मचारियों को हाई पावर कमिटी (HPC) दर से भुगतान करने का आश्वासन दिया। इस आश्वासन के तहत, पांच दिनों के भीतर सभी कंपनी के मजदूरों को उनके अधिकारों के अनुसार वेतन और सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

इस घेराव और आंदोलन के सफल समापन के बाद, ड्राइवरों और कर्मचारियों में खुशी और संतोष का माहौल देखा गया। छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना और भू-विस्थापित संगठन के इस संघर्ष ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया कि जब लोग संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाते हैं, तो उन्हें सफलता जरूर मिलती है।

रूंगटा प्रबंधन द्वारा सभी मांगों को मानने के बाद यह आंदोलन सफलतापूर्वक समाप्त हो गया। इस घेराव ने न केवल कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा की बल्कि यह भी साबित किया कि संगठित और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन से समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता है।

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