CM Sai’ बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के बीच फसल गिरदावरी का काम प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। पटवारियों की अनुपस्थिति में तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को PV App के माध्यम से खेतों में जाकर फसल सर्वेक्षण करने की जिम्मेदारी सौंपे जाने पर तहसीलदार संघ ने आपत्ति जताई है। इस संबंध में संघ ने 23 अक्टूबर को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर मैदानी सर्वेक्षण की अनिवार्यता से राहत देने और डिजिटल फसल सर्वेक्षण में आ रही तकनीकी समस्याओं का समाधान करने की मांग की है। इस विवाद के कारण प्रशासनिक कामकाज और किसानों से जुड़ी महत्वपूर्ण प्रक्रिया पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
पटवारियों की हड़ताल से बढ़ी परेशानी
प्रदेश में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण राजस्व विभाग के कई काम प्रभावित होने की स्थिति बन गई है। फसल गिरदावरी कृषि व्यवस्था की महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसके तहत खेतों में बोई गई फसलों और उनके रकबे से संबंधित जानकारी दर्ज की जाती है।
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इस जानकारी का उपयोग विभिन्न सरकारी योजनाओं, कृषि संबंधी आंकड़ों और किसानों से जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रियाओं में किया जाता है। ऐसे में गिरदावरी का काम समय पर पूरा होना जरूरी माना जाता है।
PV App से सर्वेक्षण कराने पर जताई आपत्ति
पटवारियों की अनुपस्थिति में तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को PV App के जरिए खेतों का मैदानी सर्वेक्षण करने की जिम्मेदारी दिए जाने पर तहसीलदार संघ ने सवाल उठाए हैं।
संघ का कहना है कि अधिकारियों पर पहले से ही राजस्व और प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी रहती है। ऐसे में अतिरिक्त मैदानी सर्वेक्षण का काम सौंपे जाने से नियमित कामकाज प्रभावित हो सकता है। डिजिटल सर्वेक्षण में आ रही तकनीकी दिक्कतें भी इस प्रक्रिया को चुनौतीपूर्ण बना सकती हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को लिखा पत्र
तहसीलदार संघ ने 23 अक्टूबर को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया है। संघ ने अनिवार्य मैदानी सर्वेक्षण से राहत देने और PV App से फसल सर्वेक्षण के दौरान सामने आ रही तकनीकी समस्याओं को दूर करने की मांग की है।
अब इस मामले में राज्य सरकार और संबंधित विभाग की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी। यदि तकनीकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो निर्धारित समय में फसल गिरदावरी पूरी करने में मुश्किलें आ सकती हैं।
किसानों पर पड़ सकता है असर
फसल गिरदावरी में देरी होने से किसानों से संबंधित विभिन्न प्रशासनिक प्रक्रियाएं प्रभावित होने की आशंका रहती है। फसल और रकबे का सही रिकॉर्ड तैयार करना कृषि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए महत्वपूर्ण है।
ऐसे में पटवारियों की हड़ताल, अधिकारियों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी और डिजिटल सर्वेक्षण की तकनीकी चुनौतियों के बीच प्रशासन के सामने समय पर गिरदावरी पूरी करने की चुनौती है।




