बलरामपुर: यूपी के बलरामपुर में पत्नी पर शक ने पति को ऐसा वहशी बना दिया जिसे जानने के बाद हर कोई हैरान है। पति ने हॉलीवुड फिल्म से आइडिया लेकर पत्नी की हत्या कर दी और शव के छह टुकड़े कर बलरामपुर से लेकर अयोध्या तक शरीर के हिस्से फेंक दिए। एक हिस्सा अयोध्या की सरयू में भी फेंक दिया था। वारदात छह अगस्त को अंजाम दिया गया था। दो बोरियों में शव के कुछ टुकड़े देहात क्षेत्र के अजबनगर कमरिहवा जाने वाली सड़क पर बरामद करने के बाद जांच में जुटी पुलिस ने मंगलवार को हत्यारे पति को दबोच लिया। उसके पास से बाइक, मृतका का मोबाइल, हत्या में प्रयुक्त लोहे की आरी, चापर, हेक्सा ब्लेड व इलेक्ट्रानिक कटर मशीन बरामद हुई है।
छह अगस्त 2024 को डायल 112 की पीआरडी 5453 पर तैनात कर्मियों ने थाना देहात को सूचना दी कि सड़क किनारे दो बोरियों में शरीर के अवशेष भरे पड़े हैं। खोलकर देखा गया तो मानव का शव पाया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला का शव होने की पुष्टि हुई, जिसका मुकदमा थाना देहात में दर्ज किया गया। घटना का अनावरण करने के लिए एसपी विकास कुमार के नेतृत्व में अपर पुलिस अधीक्षक नम्रिता श्रीवास्तव के सह नेतृत्व व सीओसीटी बृजनन्दन राय के पर्यवेक्षण में एसआईटी टीम गठित की गई।
मुख्य विवेचक कोतवाली देहात के प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश सिंह, सह विवेचक निरीक्षक सत्येन्द्र बहादुर सिंह, क्राइम ब्रांच प्रभारी आशीष कुमार सिंह, सर्विलांस व साइबर टीम को घटना का खुलासा करने के लिए लगाया गया। घटनास्थल के आस पास सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, लेकिन महिला की शिनाख्त नहीं हो सकी। 15 जिलों में दर्ज करीब 500 गुमशुदा महिलाओं के गुमशुदगी की जांच कराई गई। उनके परिजनों से पूछताछ का नतीजा भी सिफर रहा।
सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध व्यक्ति का बाइक नम्बर भी मिल गया। वह बाइक शंकर दयाल गुप्ता पुत्र राधेश्याम गुप्ता निवासी 260 रानी बाजार बड़गांव कोतवाली गोंडा के नाम दर्ज पाई गई। संदिग्ध के घर जांच की गई तो वहां ताला लगा मिला। आसपास के लोगों ने बताया कि वाहन स्वामी घर में पत्नी व बेटे के साथ रहता है। कई दिनों से दुर्गंध निकल रही है।
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि शंकर दयाल की पत्नी का नाम गुड़िया पाण्डेय उर्फ नीतू पाण्डेय था। उसका विवाह वर्ष 2023 में शंकर दयाल के साथ हुआ था। शंकर दयाल को अपनी पत्नी की चरित्र पर संदेह था। उसके व गुड़िया के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। शंकर दयाल ने 30 जुलाई को ही गुड़िया को मारने की योजना बनाई थी। एक अगस्त को गुड़िया का गला रेतकर हत्या कर दी। उसके शरीर को ब्लेड व इलेक्ट्रानिक कटर से काटकर तीन हिस्सों में बांट दिया। छह अगस्त को दो बोरियां लाकर बलरामपुर के थाना देहात क्षेत्र में फेंक दिया। सात अगस्त को एक बोरी ले जाकर अयोध्या स्थित सरयू नदी पुल के नीचे फेंका। वह वापस गोंडा आकर लखनऊ के लिए फरार हो गया।


