जिले के सबसे बड़े सटोरी और महादेव सट्टा एप का पैनल चलवाना वाले दीपक नेपाली को दुर्ग न्यायालय ने 7 साल की सजा सुनाई है। वो कुछ महीने पहले ही जेल से जमानत पर बाहर आया था। न्यायालय ने दीपक के साथ उसके दो साथियों को भी दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। दीपक सिंह उर्फ दीपक नेपाली और उसके दो साथियों के खिलाफ वैशाली नगर पुलिस ने 2022 को मारपीट का मामला दर्ज किया था। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक दीपक नेपाली और उसके दो साथी गुरमीत सिंह और संतोष शर्मा उर्फ मथुरा 20 मई की रात 11 बजे सुभाष चौक कैंप 1 में राममोहन साहू की डेली नीड्स की दुकान पहुंचे थे। इन लोगों ने राम मोहन से सिगरेट और गुटखा खरीदा। जब उसने पैसे मांगे तो इन लोगों उसे गाली गलौज शुरू कर दी। इस दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि दीपक व उसके साथियों ने अपने पास रखे चाकू को निकाला और दुकान दार पर वार कर दिया। उन्होंने उसके चेहरे से लेकर गले तक चाकू से कई वार किए। इसके बाद तीनो वहां से फरार हो गए थे। इस मामले में सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश दुर्ग (छ. ग.) संजीव कुमार तामक की अदालत ने दीपक व उसके साथियों को धारा 324/34 और 25/ 27 आर्म्स एक्ट का दोषी पाया। इस पर उन्हें 7 वर्ष की कठोर कारावास की सज़ा सुनाई गयी है।
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