कोरबा, 28 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने आज जनगणना-2027 के अंतर्गत जिला एवं चार्ज अधिकारियों के लिए आयोजित जिला स्तरीय प्रशिक्षण का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को जनगणना के दायित्व निष्ठापूर्वक निभाने और निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
जनगणना-2027 के लिए 26 और 27 अक्टूबर को जिले की 12 तहसीलों के तहसीलदार एवं चार्ज अधिकारी, नायब तहसीलदार एवं अतिरिक्त चार्ज अधिकारी, जनगणना लिपिक तथा तकनीकी सहायकों को प्रशिक्षण दिया गया। वहीं, 28 और 29 अक्टूबर को नगर पालिका परिषद दीपका, कटघोरा और बांकीमोंगरा, नगर पंचायत पाली एवं छुरीकला तथा नगर पालिक निगम कोरबा के सात जोन के चार्ज अधिकारियों, जनगणना लिपिकों और तकनीकी सहायकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
कलेक्टर श्री दुदावत ने कहा कि जनगणना का कार्य प्रथम चरण की कार्ययोजना के अनुरूप समय-सीमा में पूरा किया जाए। प्रशिक्षण में जनगणना के नए प्रावधानों और नियमों को गंभीरता से समझें। घर-घर जाकर होने वाली गणना के संबंध में आम नागरिकों तक सही जानकारी पहुंचाने और उनकी शंकाओं का समाधान करने के लिए पर्याप्त प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए पाम्पलेट, रेडियो, सिनेमा और सोशल मीडिया का उपयोग करने के निर्देश भी दिए गए।
जनगणना-2027 में 40 प्रश्नों के माध्यम से व्यक्ति का नाम, आयु, शिक्षा, रोजगार, आधार कार्ड और बैंक खातों की उपलब्धता सहित अन्य जानकारी ली जाएगी। कलेक्टर ने प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण देने तथा उनकी तैनाती के लिए समय रहते चिन्हांकन करने को कहा। जिले में 24 चार्ज हैं—12 ग्रामीण और 12 शहरी—जहां बड़ी संख्या में प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों की आवश्यकता होगी।
कलेक्टर ने जनगणना कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने और पर्याप्त सावधानी के साथ कार्य करने की हिदायत दी। उन्होंने बताया कि जनगणना में किसी व्यक्ति के व्यक्तिगत आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए जाते और व्यक्तिगत जानकारी साझा नहीं की जाएगी।
प्रशिक्षण के दौरान राष्ट्रीय प्रशिक्षक एवं जनगणना कार्य निदेशालय, रायपुर के संयुक्त निदेशक श्री अशोक मिश्रा ने जनगणना की विभिन्न प्रक्रियाओं की विस्तार से जानकारी दी।
स्व-गणना 10 जनवरी से 24 जनवरी 2027 तक
स्व-गणना (सेल्फ-एन्यूमरेशन) के लिए पोर्टल 10 जनवरी से 24 जनवरी 2027 तक खुला रहेगा। इस अवधि में नागरिक स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। जिले के अधिकारी-कर्मचारियों को शत-प्रतिशत स्व-गणना करने के निर्देश दिए गए हैं।
घर-घर जाकर जनगणना का कार्य 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 तक किया जाएगा। इसके लिए 35 दिन निर्धारित किए गए हैं। एक परिवार की गणना में लगभग 23 से 30 मिनट लगने की संभावना है। बेघर लोगों की गणना 28 फरवरी को शाम 6 बजे से रात 12 बजे के बीच की जाएगी। इसके बाद 1 से 5 मार्च 2027 तक पुनरीक्षण दौर चलेगा, जिसमें छूटे हुए लोगों को शामिल किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान जिला जनगणना अधिकारी श्री ओंकार यादव, अपर कलेक्टर कटघोरा, जिला नोडल अधिकारी श्री बैद्यनाथ कुमार तथा अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी श्री एम.एस. कंवर उपस्थित रहे।




