वाशिंगटन/नई दिल्ली | 23 मार्च, 2026 पिछले 24 दिनों से जारी अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच भीषण युद्ध में सोमवार को एक बड़ा ‘टर्निंग पॉइंट’ देखने को मिला। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि ईरान अब इस युद्ध को समाप्त करने के लिए समझौते का इच्छुक है। ट्रंप ने अपनी चर्चित ‘अल्टीमेटम’ रणनीति को आगे बढ़ाते हुए ईरानी ऊर्जा ठिकानों पर होने वाले हमलों को फिलहाल 5 दिनों के लिए स्थगित करने का आदेश दिया है।
ट्रंप का बड़ा ‘ब्रेकथ्रू’ दावा
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समझौते की छटपटाहट: राष्ट्रपति ट्रंप ने फॉक्स बिजनेस नेटवर्क को दिए इंटरव्यू में कहा, “ईरान बहुत बुरी तरह से समझौता (Deal) करना चाहता है। यह समझौता अगले पांच दिनों के भीतर या उससे भी पहले हो सकता है।”
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हमलों पर रोक: ट्रंप ने पेंटागन को निर्देश दिया है कि ईरानी पावर प्लांट्स और ऊर्जा बुनियादी ढांचों पर होने वाले किसी भी हमले को फिलहाल 5 दिनों के लिए टाल दिया जाए। उन्होंने इसे ‘चर्चा की सफलता’ पर निर्भर बताया है।
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सीक्रेट वार्ता: रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जेरेड कुशनर रविवार रात तक इस दिशा में महत्वपूर्ण बातचीत कर रहे थे।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य और तेल की कीमतें
यह घटनाक्रम तब सामने आया जब ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था कि वह अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए ‘हॉर्मुज जलडमरूमध्य’ को पूरी तरह खोल दे, वरना उसके बिजली घरों को ‘नेस्तनाबूद’ (Obliterate) कर दिया जाएगा।
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बाजार पर असर: ट्रंप के शांति संकेतों के बाद वैश्विक तेल बाजार में 10% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, जिससे बढ़ती महंगाई से जूझ रही दुनिया को थोड़ी राहत मिली है।
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ईरान का रुख: हालांकि, ईरान के सरकारी मीडिया और विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर किसी भी सीधी बातचीत से इनकार किया है। उन्होंने ट्रंप के बयानों को ‘तेल की कीमतें घटाने की चाल’ करार दिया है।


