खैरागढ़ के ग्वालघुंडी गांव में पहली बार जली बिजली, एमडी भीम सिंह कंवर के प्रयासों से दूर हुआ दशकों का अंधेरा

खैरागढ़: आजादी के दशकों बाद आखिरकार खैरागढ़ जिले के सुदूर ग्राम ग्वालघुंडी के ग्रामीणों का वनवास खत्म हो गया है। पिछले रविवार को जब इस गांव में पहली बार बिजली का बल्ब जला, तो सालों से अंधेरे में जीवन गुजार रहे ग्रामीणों के चेहरे भी खुशी से रौशन हो उठे।

विद्युत विभाग के एमडी (प्रबंध निदेशक) श्री भीम सिंह कंवर के विशेष प्रयासों और कुशल मार्गदर्शन में रविवार को इस दुर्गम गांव तक बिजली पहुंचाने का यह ऐतिहासिक कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

ख़बर की मुख्य बातें:

  • दशकों का इंतजार खत्म: ग्राम ग्वालघुंडी के निवासी अब तक ढिबरी और लालटेन के सहारे जीवन यापन कर रहे थे। पिछले रविवार को बिजली की लाइन चालू होने से पूरे गांव में उत्सव का माहौल है।

  • एमडी भीम सिंह कंवर की अहम भूमिका: इस कठिन और चुनौतीपूर्ण कार्य को पूरा करने में एमडी भीम सिंह कंवर की पहल और लगातार मॉनिटरिंग ने अहम भूमिका निभाई। उनके निर्देशों के बाद विभाग ने तेजी से काम करते हुए गांव को रौशन किया।

  • बदलेगी गांव की तस्वीर: बिजली पहुंचने से अब बच्चों की पढ़ाई-लिखाई आसान होगी, मोबाइल चार्जिंग जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी होंगी और कृषि कार्यों के साथ-साथ गांव के समग्र विकास को गति मिलेगी।

ग्रामीणों ने जताया आभार: गांव में पहली बार रोशनी देखकर भावुक हुए ग्रामीणों ने इस बड़ी सौगात के लिए एमडी भीम सिंह कंवर, विद्युत विभाग की पूरी टीम और स्थानीय प्रशासन का हृदय से आभार व्यक्त किया है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली आना उनके लिए एक नए युग की शुरुआत है।

यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि प्रशासन और अधिकारी दृढ़ निश्चय कर लें, तो विकास की किरणें अंतिम और सबसे दुर्गम व्यक्ति तक भी पहुंच सकती हैं।

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