गरियाबंद. जिले में अवैध रेत खदान बेखौफ चल रहे हैं. राजिम से लेकर देवभोग तक अवैध रेत खनन से रोजाना प्रशासन को हजारों रुपये की रॉयल्टी का नुकसान हो रहा है. इसी बीच पैरी नदी पर अवैध रेत खदान शुरू करने के लिए निकासी मार्ग बनाने में लगी एक चेन माउंटेन पर कलेक्टर दीपक अग्रवाल की नजर पड़ी. शनिवार शाम करीब 7 बजे कलेक्टर राजिम मेले की तयारी का जायजा लेकर लौट रहे थे. मोहेरा घाट में चल रहे अवैधानिक गतिविधि को देखकर रुक गए. उन्होंने तत्काल गठित टास्क फोर्स को कार्रवाई का निर्देश दिया. टीम ने रात को पहुंचकर मशीन को कोतवाली पुलिस के हवाले किया. शुरू होने से पहले एक अवैध खदान पर कार्रवाई से रेत माफिया में हड़कंप मचा हुआ है.जिले में कोपरा, हथखोज, परसदा,सरकडा में रेत के अवैध खदान जारी है. जबकि एनीकट में पानी आने के कारण सिंधोरी, चोबेबंधा दो दिन पहले बंद हुआ है. धमतरी के डूमर पाली खदान से रेत की निकासी सरकंडा से धमतरी के परेवाडींग के लीगल खदान से देर रात जारी अवैध परिवहन राजिम नवीन मेला मार्ग से निकल रहा है. सभी अवैध खदान में रेत का परिवाहन रात 10 बजे के बाद होता है. रोजाना 300 से ज्यादा हाईवा नदियों का सीना चीरकर दौड़ लगा रहे हैं. कार्रवाई के नाम पर हाईवा की जब्ति हो रही है. लेकिन खदान पुरी तरह से बंद नहीं हो पा रहे हैं. कार्रवाई के लिए टास्क फोर्स का गठन भी हुआ है, जो वाहन पकड़ रहे हैं. लेकिन ये खदानों में मौजूद मशीनों को बंद कराने में नाकाम साबित हो रहा हैपखवाड़े भर पहले कूटेना के अवैध रेत घाट पर कार्रवाई करने पहुंची थी. जिस पर दर्जनों लोगों ने हमला बोल दिया. चालक की पिटाई और वाहन में तोड़ फोड़ की गई. मामले में 15 से ज्यादा लोगों के खिलाफ कई धाराओं के तहत मामला भी दर्ज किया गया. लेकिन गिरफ्तारी नहीं हुई है. सरकारी अमले पर हमले के बाद सीधी घाट में दबिश देने प्रशासनिक अमला असुरक्षित महसूस कर रही है..
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