मामले का संक्षिप्त इस प्रकार है कि जितेंद्र बघेल, निवासी जांजगीर, ने कथित रूप से अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर स्वयं को ग्राम मसान निवासी फूल सिंह कंवर का पुत्र दर्शाया तथा कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर तहसील जांजगीर से जाति प्रमाण पत्र एवं आय प्रमाण पत्र प्राप्त किया।
शिकायत के अनुसार, आरोपी द्वारा जिला अंत्यावसायी विभाग में शपथ पत्र प्रस्तुत कर यह उल्लेख किया गया कि उसके द्वारा बैंक से किसी प्रकार का ऋण नहीं लिया गया है, जबकि उसने पंजाब नेशनल बैंक से ऋण लिया था। वहीं, अंत्यावसायी सहकारी समिति में ऋण लेते समय बैजनाथ बघेल को जमानतदार बनाया गया था, जिन्हें शिकायत में जितेंद्र का जैविक पिता बताया गया है।
इस प्रकार, जितेंद्र बघेल एवं बैजनाथ बघेल द्वारा आपसी मिलीभगत से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर फर्जी जाति प्रमाण पत्र प्राप्त करने तथा शासन की योजनाओं का अनुचित लाभ लेना।
प्रकरण में प्रथम दृष्टया अपराध घटित होना पाए जाने पर दोनों आरोपियों के विरुद्ध धारा 419, 420, 467, 468, 471 एवं 34 भारतीय दंड विधान (भादवि) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। मामले में पुलिस द्वारा अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।




