भाजपा शासन आते ही बाल्को प्रबंधन तानाशाही रवैया अपनाते हुए भारी भरकम वाहनों की अनुमति दिए जाने के
कारण आए दिन दुर्घटना हो रहे है, जिससे निर्दोष लोग की मौत हो रही है,
रोज़ाना सैकड़ो की संख्या मे भारी वाहन कोयला ,राखड़ और अन्य मटेरियल लेकर बाल्को से आना-जाना करती है l
भारी वाहनों को चलाने के लिए 4 लेन सड़को और पार्किंग यार्ड की ज़रूरत है,जिसके लिये प्रबंधन द्वारा आज तक कुछ नहीं किया गया lकुछ दिन पूर्व बाल्को मे कोल से चलने वाले ट्रिप ट्रेलर से 3 लोग की मौत हो गई थी l
और आज भी ऑटो मे बैठे एक परिवार दुर्घटना का शिकार हुआ जिसमें बच्चे बैठे थे,जिन्हे बहुत ही गंभीर स्थिति में है वह हॉस्पिटल मैं मौत से झूझ रहे है,
कुछ दिन पूर्व एनएसयूआई के द्वारा कोरबा ज़िले के कलेक्टर को इसी विषय मैं एक ज्ञापन भी दिया गया था l उसके बाद भी प्रशासन के तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई, इस प्रकार के दुर्घटनाग्रस्त लोगों को
प्रबंधन और ज़िला प्रशासन को तत्काल नौकरी वह मुआवजा की राशि निर्धारित करनी चाहिए, कुछ दिन पूर्व पुराने अनुबंध को तोड़ते हुए बाल्को प्रबंधन ने ऐश डैम से 14 , 16 चक्का वाहन से ऐश का ट्रांसपोटेशन कार्य आरंभ किया हैlजिससे डैम के कमजोर होने और टूटने की संभावना बनी है, अगर भविष्य मे भारी वहनों से डैम टूट कर बस्ती मैं आता है, तो इसकी पूरी ज़िम्मेदारी बाल्को प्रबंधन और ज़िला प्रसाशन की होगी l ऐसी स्थिति में भयानक परिस्थितिया निर्मित हो सकती है, इस पर जिला प्रशासन वह बालको प्रबंधन को वैकल्पिक समाधान ढूंढने की आवश्यकता है.. ताकि बार-बार इस प्रकार की दुर्घटना की पुर्नवृत्ति ना हो सके l.. नहीं तो निश्चित रूप से आने वाले दिनों मे जनमानस द्वारा कोई बड़ा आंदोलन होने से इनकार नहीं किया जा सकता.. जिससे शहर के लॉयन ऑर्डर भी खराब हो सकते हैंl
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.




