Close Menu
CG Times NewsCG Times News

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    IAS Transfer Breaking : छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, कई जिलों के कलेक्टर बदले

    August 18, 2026

    CG Crime News : अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी का खौफनाक अंजाम, पति-पत्नी ने मिलकर की हत्या

    August 18, 2026

    तिरंगा यात्रा में छात्र -छात्राओं, युवाओं, महिलाओं एवं ग्रामवासियों ने बरसते पानी में तिरंगा यात्रा में सम्मिलित होकर वंदेमातरम् थीम पर देशभक्ति का दिया सन्देश..

    August 18, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Wednesday, August 19
    CG Times NewsCG Times News
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • Chhattisgarh
    • National
    • International
    • Business
    • Entertainment
    • E-Paper
    CG Times NewsCG Times News
    Home » इसरो ने की आरएलवी पुष्पक की लगातार तीसरी सफल लैंडिंग, ISRO चीफ ने दी बधाई
    Chhattisgarh

    इसरो ने की आरएलवी पुष्पक की लगातार तीसरी सफल लैंडिंग, ISRO चीफ ने दी बधाई

    News EditorBy News EditorJune 23, 2024No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Copy Link

    बेंगलुरु: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अपने रीयूजेबल लॉन्च व्हीकल-एलईएक्स-03 (RLV-LEX-03) ‘पुष्पक’ की लगातर तीसरी बार सफल लैंडिंग कराकर बड़ी सफलता हासिल की है. रीयूजेबल लॉन्च व्हीकल को लैंड कराने में सफलता हासिल करने के बाद अब इसरो के लिए ‘पुष्पक’ का ऑर्बिटल री-एंट्री टेस्ट करने का रास्ता साफ हो गया है. इसरो ने रविवार को एक बयान में कहा कि ‘पुष्पक’ ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उन्नत स्वायत्त क्षमताओं का प्रदर्शन करते हुए एक सटीक होरिजेंटल लैंडिंग को अंजाम दिया.

    यह परीक्षण बेंगलुरु से लगभग 220 किमी दूर चित्रदुर्ग जिले के चल्लकेरे में एयरोनॉटिकल टेस्ट रेंज (ATR) में आयोजित किया गया था. पुष्पक को इंडियन एयरफोर्स के चिनूक हेलिकॉप्टर से 4.5 किमी की ऊंचाई तक ले जाया गया और रनवे पर ऑटोनॉमस लैंडिंग के लिए छोड़ा गया. दूसरे एक्सपेरिमेंट के दौरान पुष्पक को 150 मीटर की क्रॉस रेंज से छोड़ा गया था. इस बार क्रॉस रेंज बढ़ाकर 500 मीटर कर दिया गया था. जब पुष्पक को हेलिकॉप्टर से छोड़ा गया था, उस वक्त उसकी लैंडिंग वेलोसिटी 320 किमी प्रतिघंटा से ज्यादा थी. ब्रेक पैराशूट की मदद से टचडाउन के लिए इसकी विलोसिटी को घटाकर 100 किमी प्रतिघंटा तक लाया गया.
    आरएलवी प्रोजेक्ट इसरो का एक महत्वपूर्ण प्रोग्राम है, जो अंतरिक्ष में मानव उपस्थिति की भारत की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए आवश्यक तकनीक उपलब्ध कराता है. रीयूजेबल लॉन्च व्हीकल से ISRO को स्पेस में लो-कॉस्ट एक्सेस मिलेगा यानी स्पेस में ट्रैवल करना सस्ता हो जाएगा. इस सैटेलाइट से प्रोजेक्ट लॉन्चिंग सस्ती होगी, क्योंकि इसे दोबारा प्रयोग में लाया जा सकेगा.
    पृथ्वी की कक्षा में घूम रही किसी सैटेलाइट में अगर खराबी आती है तो इस लॉन्च व्हीकल की मदद से उसको नष्ट करने की बजाय रिपेयर किया जा सकेगा. इसके अलावा जीरो ग्रैविटी में बायोलॉजी और फार्मा से जुड़े रिसर्च करना आसान हो जाएगा. पहला लैंडिंग एक्सपेरिमेंट 2 अप्रैल 2023 और दूसरा 22 मार्च 2024 को किया गया था. यह अंतिम लैंडिंग एक्सपेरिमेंट था, जो सफल रहा. अब इसरो इस लॉन्च व्हीकल का ऑर्बिटल री-एंट्री टेस्ट करेगा. इस टेक्नोलॉजी से रॉकेट लॉन्चिंग सस्ती होगी और अंतरिक्ष में उपकरण पहुंचाने में कम लागत आएगी.
    लॉन्च व्हीकल के दो हिस्से होते हैं. पहला रॉकेट और दूसरा उस पर लगा स्पेसक्राफ्ट या सैटेलाइट जिसे पृथ्वी की कक्षा या अंतरिक्ष में प्रक्षेपित करना होता है. रॉकेट का काम स्पेसक्राफ्ट या सैटेलाइट को अंतरिक्ष या अर्थ ऑर्बिट में पहुंचाना होता है. अभी इसरो प्रक्षेपण के बाद रॉकेट या लॉन्च व्हीकल को समुद्र में गिरा देता है. यानी इसका दोबारा इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. लेकिन रीयूजेबल टेक्नोलॉजी की मदद से रॉकेट को दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है, जिस पर इसको काम कर रहा है. एलन मस्क की कंपनी स्पेस-एक्स पहले ही इस तकनीक को हासिल कर चुकी है.
    रीयूजेबल लॉन्च व्हीकल के पीछे का आइडिया स्पेसक्राफ्ट को लॉन्च करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले रॉकेट बूस्टर को रिकवर करना है. ताकि, फ्यूल भरने के बाद इनका फिर से इस्तेमाल किया जा सके. हालांकि ISRO का रीयूजेबल लॉन्च व्हीकल (RLV) स्पेस-एक्स से अलग होगा. स्पेस-एक्स की रीयूजेबल टेक्नोलॉजी रॉकेट के निचले हिस्से को बचाता है, जबकि इसरो की तकलीक रॉकेट के ऊपरी हिस्से को बचाएगा जो ज्यादा जटिल होता है. इसे रिकवर करने से ज्यादा पैसों की बचत होगी. यह सैटेलाइट को स्पेस में छोड़ने के बाद वापस लौट आएगा.
    इसरो ने रीयूजेबल लॉन्च व्हीकल का लैंडिंग एक्सपेरिमेंट यानी LEX पूरा कर लिया है. अब आने वाले दिनों में रिटर्न टू फ्लाइट एक्सपेरिमेंट (REX) और स्क्रैमजेट प्रपल्शन एक्सपेरिमेंट (SPEX) को अंजाम दिया जाएगा. विशेषज्ञों की मानें तो इसरो का रीयूजेबल लॉन्च व्हीकल 2030 से पहले उड़ान भरने के लिए तैयार होगा. यह लॉन्च व्हीकल पृथ्वी की निचली कक्षा में 10,000 किलोग्राम से ज्यादा वजन ले जाने में सक्षम होगा.
    Share. Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
    News Editor

    Related Posts

    IAS Transfer Breaking : छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, कई जिलों के कलेक्टर बदले

    August 18, 2026

    CG Crime News : अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी का खौफनाक अंजाम, पति-पत्नी ने मिलकर की हत्या

    August 18, 2026

    तिरंगा यात्रा में छात्र -छात्राओं, युवाओं, महिलाओं एवं ग्रामवासियों ने बरसते पानी में तिरंगा यात्रा में सम्मिलित होकर वंदेमातरम् थीम पर देशभक्ति का दिया सन्देश..

    August 18, 2026

    हुनर से आत्मनिर्भरता की नई पहचान, धान-चावल से बनी राखियों ने बटोरी खूब सराहना

    August 18, 2026

    18 अगस्त से 24 सितम्बर तक प्रत्येक मंगलवार तथा शुक्रवार को आयोजित किया जा रहा है शिशु संरक्षण माह

    August 18, 2026

    “माय भारत पोर्टल” में रजिस्ट्रेशन के लिए स्पेशल ड्राइव विशेष कैम्प का आयोजन 19-20 अगस्त को

    August 18, 2026
    August 2026
    M T W T F S S
     12
    3456789
    10111213141516
    17181920212223
    24252627282930
    31  
    « Jul    
    Editors Picks

    IAS Transfer Breaking : छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, कई जिलों के कलेक्टर बदले

    August 18, 2026

    CG Crime News : अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी का खौफनाक अंजाम, पति-पत्नी ने मिलकर की हत्या

    August 18, 2026

    तिरंगा यात्रा में छात्र -छात्राओं, युवाओं, महिलाओं एवं ग्रामवासियों ने बरसते पानी में तिरंगा यात्रा में सम्मिलित होकर वंदेमातरम् थीम पर देशभक्ति का दिया सन्देश..

    August 18, 2026

    हुनर से आत्मनिर्भरता की नई पहचान, धान-चावल से बनी राखियों ने बटोरी खूब सराहना

    August 18, 2026
    About Us
    About Us

    स्वामी एवं संपादक – जगदीश भाई
    पता - मुख्य मार्ग, कोरबा (छ.ग.)
    ईमेल - cgtimenews.com@gmail.com
    मोबाईल नं. - 9713100050

    स्वामी एवं संपादक
    स्वामी एवं संपादक
    Jagdish Patel
    EDITOR
    Important page
    • About Us
    • Privacy Policy
    • Disclaimer
    • Terms & Conditions
    • Contact Us
    © 2026 CG Times News. Designed by Nimble Technology.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.