“मेज पर बोतलें और सरकारी मर्यादा तार-तार”
यह शर्मनाक वाकया रविवार देर शाम का बताया जा रहा है. रेस्ट हाउस के जिस कमरे को जनहित और सरकारी कामकाज के लिए सुरक्षित रखा जाता है, वहां शराब की बोतलें और चखना सजा हुआ था. वायरल वीडियो में चीफ केमिस्ट गोवर्धन सिदार और उनके साथी पूरी तरह पार्टी के मूड में नजर आ रहे हैं. जैसे ही कुछ स्थानीय लोगों और मीडिया कर्मियों को इसकी भनक लगी, उन्होंने मौके पर पहुंचकर इस ‘महफिल’ को कैमरे में कैद कर लिया. वीडियो में अधिकारियों के चेहरे पर न तो कोई शिकन दिखी और न ही कानून का डर |
मंत्री का हंटर: “निलंबन तय, बख्शा नहीं जाएगा कोई”
मामला जब प्रभारी मंत्री लखन लाल देवांगन के पास पहुंचा, तो उन्होंने बिना देर किए संबंधित अधिकारियों को फोन घुमाया. मंत्री ने साफ लहजे में कहा कि सरकारी भवनों को अय्याशी का अड्डा बनाने वाले अधिकारियों की जगह विभाग में नहीं, बल्कि घर पर है. मंत्री के निर्देश के बाद विभाग ने जांच कमेटी गठित कर दी है. चीफ केमिस्ट समेत पांचों अधिकारियों पर निलंबन की तलवार लटक रही है |
“सरकारी पद और प्रतिष्ठा सेवा के लिए है, शराब पार्टियों के लिए नहीं. रेस्ट हाउस की मर्यादा भंग करने वालों को सबक सिखाना जरूरी है ताकि भविष्य में कोई ऐसी हिमाकत न करे.”
— लखन लाल देवांगन, कैबिनेट मंत्री, छत्तीसगढ़
यह मामला केवल एक शराब पार्टी का नहीं है, बल्कि सरकारी तंत्र के भीतर पनप रही निरंकुशता का प्रतीक है. कोरबा जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक जिले में जहां अधिकारियों पर बड़ी जिम्मेदारियां होती हैं, वहां ऐसी हरकतें कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती हैं. अगले 48 घंटों में आरोपियों के खिलाफ आधिकारिक निलंबन आदेश जारी होने की संभावना है. पुलिस भी इस मामले में आबकारी नियमों के तहत कार्रवाई कर सकती है. यह घटना 2026 के छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक सुधारों की ज़रूरत को एक बार फिर रेखांकित करती है. क्या प्रशासन इस पर फुल स्टॉप लगा पाएगा या यह महफिलें फिर सजेंगी?


