नालसा (बच्चों के लिए मैत्रीपूर्ण कानूनी सेवाएं, 2024 योजना के अंतर्गत स्वयं सेवी संस्था (NGO) Centre of Excellence in Alternative Care, India, United Nations International Children’s Emergency Fund (UNICEF) तथा महिला एवं बाल विकास विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के संयुक्त तत्वाधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा, जिला कोरबा (छ0ग0) के बैनर तले दिनांक 16.04.2025 को दोपहर 02.00 बजे एडीआर भवन, जिला न्यायालय परिसर कोरबा में ‘‘उमंग’’ पोषण देख-रेख (Foster Care) की स्टेट फोस्टर केयर आॅफिसर तथा बिलासपुर संभाग के प्रोग्राम आॅफिसर की उपस्थिति में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस जागरूकता कार्यक्रम में ‘‘उमंग’’ योजनांतर्गत पोषण देख-रेख क्या है?, पोषण देख-रेख की जरूरत, पोषक परिवार बनने हेतु योग्याताएं, बच्चों को पोषण देख-रेख में लेने की आयु सीमा, पोषण देख-रेख और दत्तक ग्रहण में अंतर, पोषण देख-रेख में बच्चों के लिए पुनर्वास, पोषक परिवार के अंतर्गत बच्चों के प्रति जिम्मेदारियां तथा पोषण देख-रेख की प्रक्रिया के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रदान किया गया।
उक्त जागरूकता कार्यक्रम में माननीय श्री जयदीप गर्ग, विशेष न्यायाधीश (एस.सी./एस.टी.) पीए एक्ट कोरबा, कु0 डिम्पल, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा, जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री राजेन्द्र कुमार साहू, जिला न्यायालय कोरबा के कर्मचारीगण, लीगल एड डिफेंस कौंसिल सिस्टम कोरबा के कौंसल एवं स्टाॅफ तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा के अधिकार मित्र उपस्थित रहें तथा विधिक जागरूकता के साथ कार्यक्रम का समापन प्रश्नोत्तर के साथ किया गया
नालसा (बच्चों के लिए मैत्रीपूर्ण कानूनी सेवाए), 2024 योजना के अंतर्गत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा द्वारा किया गया विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
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