कोरबा।’ 12 फरवरी, 2026 जिले में अवैध उत्खनन और परिवहन पर लगाम कसने के लिए कलेक्टर कुणाल दुदावत के सख्त निर्देश के बाद खनिज विभाग ने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना ली है। उप संचालक खनिज प्रशासन के मार्गदर्शन में जिला खनिज जांच अमले ने छापामार कार्रवाई करते हुए 700 घन मीटर अवैध रेत का जखीरा जब्त किया है। इसके साथ ही मौके से उत्खनन में प्रयुक्त 9 वाहनों और मशीनों को भी सीज कर दिया गया है।
ताबड़तोड़ छापेमारी से हड़कंप
खनिज विभाग की टीम ने मुखबिर की सूचना पर जिले के विभिन्न रेत घाटों और भंडारण केंद्रों पर एक साथ दबिश दी। इस दौरान रेत का विशाल अवैध स्टॉक पाया गया, जिसका कोई वैध दस्तावेज मौके पर मौजूद नहीं था।
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भारी मशीनरी जब्त: कार्रवाई के दौरान अवैध उत्खनन में लगी पोकलेन मशीनें, जेसीबी और परिवहन में प्रयुक्त हाईवा व ट्रैक्टरों को रंगे हाथों पकड़ा गया।
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भंडारण पर वार: रेत के अवैध भंडारण कर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 700 घन मीटर रेत को प्रशासनिक कब्जे में ले लिया गया है।
कलेक्टर की दोटूक: नहीं बख्शे जाएंगे माफिया
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया है कि प्राकृतिक संसाधनों का अवैध दोहन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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नियमित निगरानी: राजस्व, पुलिस और खनिज विभाग की संयुक्त टीम को घाटों पर नियमित गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
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कड़ी कानूनी कार्रवाई: जब्त किए गए वाहनों और रेत पर भारी जुर्माना लगाने के साथ-साथ संबंधित ठेकेदारों और माफियाओं के खिलाफ खनिज अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है।
खनिज अमले की सक्रियता
उप संचालक खनिज प्रशासन ने बताया कि यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। विशेष रूप से उन संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है जहाँ रात के अंधेरे में अवैध उत्खनन की शिकायतें मिल रही थीं। इस कार्रवाई से जिले के रेत सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है।
“प्रशासन की इस सक्रियता ने यह साफ कर दिया है कि नियम विरुद्ध काम करने वालों के लिए कोरबा में कोई जगह नहीं है। जब्त मशीनों की कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है।”



